सत्यव्रत पुलिस चौकी में पर्याप्त फोर्स तैनात पहले से है। पीएसी और आरआरएफ की कंपनी भी शहर में एहतियाती तौर पर तैनात हैं। मामला कोर्ट में है इसलिए सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए। यदि कोई माहौल खराब करने का प्रयास करेगा तो सख्ती से निबटा जाएगा।
19 नवंबर 2024 को चंदौसी जिला अदालत में स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में हिंदू पक्ष की ओर से हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए सर्वे कराए जाने के लिए वाद दायर किया था। इसमें सिविल जज सीनियर डिवीजन की ओर से आदेश किए।
साथ ही कोर्ट कमिश्रर अधिवक्ता रमेश सिंह राघव को नियुक्त किया था। कोर्ट कमिश्रर 19 नवंबर की शाम को ही सर्वे के लिए पहुंच गए थे। डीएम और एसपी की मौजूदगी में पहले दिन सर्वे किया गया था लेकिन पूरा नहीं होने की बात रमेश सिंह राघव ने कही थी।
इसके बाद 24 नवंबर की सुबह में सर्वे शुरू किया गया था। इसी दौरान भीड़ एकत्र हुई और बवाल हो गया था। फायरिंग के साथ आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
24 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे तक हुए सर्वे के बाद टीम को पुलिस ने सुरक्षित रास्ते से बाहर निकाला था। यह सर्वे रिपोर्ट कोर्ट कमिश्रर द्वारा 2 जनवरी 2025 को अदालत में सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश की थी।
इसमें मस्जिद परिसर की वीडियोग्राफी और फोटाे भी शामिल किए गए थे। हिंदू पक्ष की ओर से दावा किया गया था कि मंदिर होने के प्रमाण मिले हैं।