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Sambhal: छात्र ने कोटा में फंदे से लटक कर दी जान, जेईई एडवांस्ड की परीक्षा का था तनाव

Sun, 28 Aug 2022 01:19 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, संभल

सार

बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक विष्णु कांत शर्मा संभल के गवां कस्बे के रहने वाले हैं। उनके मुताबिक बेटा हर्षित पिछले एक वर्ष से कोटा में पीजी में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। जेईई मेंस क्लियर करने के बाद उसने एडवांस्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।
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छात्र ने फांसी लगाकर जान दी - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राजस्थान के कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे संभल जिले के छात्र हर्षित भारद्वाज (19) ने शुक्रवार की शाम गले में फंदा कसकर जान दे दी। हर्षित के पिता शिक्षक विष्णुकांत शर्मा ने बताया कि रविवार को होने वाली जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में शामिल होने के लिए उसे दिल्ली जाना था। परीक्षा के तनाव में उसने कोटा स्थित पीजी में खुदकुशी कर ली।

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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक विष्णु कांत शर्मा संभल के गवां कस्बे के रहने वाले हैं। उनके मुताबिक बेटा हर्षित पिछले एक वर्ष से कोटा में पीजी में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। जेईई मेंस क्लियर करने के बाद उसने एडवांस्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।

तनाव कम करने के लिए साथ रह रही थीं मां

परीक्षा को लेकर उसके तनाव में होने की जानकारी पर उन्होंने अपनी पत्नी कविता शर्मा को एक सप्ताह पहले बेटे के पास कोटा भेज दिया था। उम्मीद थी कि मां का साथ मिलने पर बेटे का मन बदलेगा और परीक्षा की तैयारी के प्रति उसकी एकाग्रता बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार की शाम उनकी पत्नी कुछ जरूरी सामान लेने पीजी से बाहर गईं। वह वापस आईं तो बेटे का शव फंदे पर लटका हुआ था। बेटे की मौत से बदहवास हुईं कविता ने फोन से घर पर जानकारी दी। इसके बाद पिता व अन्य परिजन कोटा रवाना हो गए। विष्णुकांत शर्मा ने परीक्षा के तनाव को बेटे की खुदकुशी की वजह बताया है। हर्षित दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई अनूपशहर (बुलंदशहर) के एक कान्वेंट में 10वीं की पढ़ाई कर रहा है।

आज मनाया जाता हर्षित का जन्मदिन

हर्षित भारद्वाज के पिता ने बताया कि 28 अगस्त बेटे के जन्म की तारीख है। रविवार को उसकी एडवांस्ड की परीक्षा थी और उसका जन्मदिन भी मनाया जाता। तय हुआ था कि दिल्ली के केंद्र पर परीक्षा देने के बाद हर्षित अपनी मां के साथ गवां आ जाएगा और यहां पूरा परिवार मिलकर बेटे का जन्मदिन मनाएगा। उन्होंने बताया कि हर्षित पढ़ाई में होशियार था और इंजीनियर बनने की उसकी चाहत के कारण ही कोचिंग के लिए कोटा भेजा था।

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