संभल। शासन-प्रशासन की तमाम आशंकाओं को संभल की आवाम ने शुक्रवार को खारिज कर अमन और शांति बनाए रखने का पैगाम दिया। पुरसुकून माहौल में जिले के तकरीबन 300 मस्जिदों में जुमे की नमाज हुई। संभल, चंदौसी संवेदनशील रहा। लेकिन आम जनता ने अमन को आंच नहीं आने दी। मंडल और जिले के अधिकारियों ने राहत भरी सांस ली है। हालांकि सर्तकता अभी जारी है।
संभल के चौधरी सराय में 19 दिसंबर को रोडवेज की बस फूंक दी गई। पुलिस पर पथराव हुआ। इसके बाद 20 दिसंबर को चंदौसी चौराहा, शंकर चौराहा और रोडवेज बस अड्डे के निकट पथराव, फायरिंग और आगजनी की गई। इन घटनाओं की रिपोर्ट संभल कोतवाली में दर्ज कराई गई है। इसी बवाल के बाद संभल में आशंकाओं भरा माहौल है। पिछले गुरुवार को शुरू हुए बवाल के बाद अब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। प्रशासन को भी विरोध और बवाल का अंदेशा था। इसी अंदेशे के चलते गुरुवार को कोतवाली में आईजी जोन रमित शर्मा, जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद आदि ने प्रमुख उलेमा और चुनिंदा लोगों के साथ बैठक की थी। बैठक में आम जनता की ओर से चुनिंदा लोगों ने अमन बनाए रखने का भरोसा दिलाया था। साथ ही खुद भी प्रयास करने की बात कही थी। उनके प्रयास और आम जनता की समझदारी से शुक्रवार को न कोई बवाल हुआ और न कोई विरोध प्रदर्शन हो सका। आम जनता की ही कोशिश का नतीजा था कि शुक्रवार को पुरसुकून माहौल में नमाज अदा की गई। शाही जामा मस्जिद में मौलाना आफताब हुसैन वारसी ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद अमन के लिए दुआ कराई गई। हालांकि प्रशासन अब भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। आईजी रमित शर्मा, जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी अभी भी संभल में कैंप किए हुए हैं। हालात को लेकर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने फिर किया संवाद, संभल में बनी रहेगी चौकसी
संभल। संभल में शुक्रवार को अनहोनी का अंदेशा था। पुलिस, प्रशासन और आम लोग इसको लेकर सतर्क रहे। आला अधिकारियों ने आम लोगों को भरोसा दिलाया। जगह-जगह तैनात पुलिस बल ने लोगों से संवाद किया और अमन बनाए रखने की अपील की। इससे लोगों में विश्वास बढ़ा और दोपहर बाद अंदेशे का माहौल लगभग शांत हो गया। आम लोगों ने सुकून से नमाज अदा की और घरों को लौट गए। जो लोग अपने कामों को छोड़कर नमाज के लिए गए थे वह अपने कामों पर लौट गए।