योगी सरकार ने संवारा प्राचीन कल्कि मंदिर
संभल जिले में स्थित प्राचीन कल्कि मंदिर को भव्य रूप देने के साथ ही यहां विकास कार्य कराए जा रहे हैं। मंदिर के विकास से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को कितना लाभ मिल रहा है, इसे लेकर अमर उजाला की टीम ने स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों से बातचीत की।
पुजारी महेंद्र शर्मा ने बताया कि संभल ऐसा स्थान है, जिसका चारों युगों में विशेष महत्व माना जाता है। उन्होंने कहा कि संभल भगवान का घर है और यहां धार्मिक दृष्टि से बड़ी संख्या में लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। उनके मुताबिक, मंदिर और आसपास के क्षेत्र में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। विकास कार्यों से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिलने लगी हैं।
जामा मस्जिद के सामने बनी हाईटेक सत्यव्रत चौकी
संभल में जामा मस्जिद के सामने हाईटेक सत्यव्रत पुलिस चौकी बनाई गई है। इस चौकी में सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अमर उजाला की टीम ने चौकी का जायजा लिया और यहां मौजूद अधिकारियों व पुलिसकर्मियों से बातचीत कर इसकी कार्यप्रणाली को समझा।
संभल के एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि यह क्षेत्र हिंदू-मुस्लिम मिश्रित आबादी वाला है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पूरे क्षेत्र पर प्रभावी निगरानी रखने के उद्देश्य से हाईटेक पुलिस चौकी बनाई गई है। यहां कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया गया है, जिसके जरिए कैमरों की मदद से आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और अपराध नियंत्रण में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका भी इन कैमरों का इस्तेमाल अपने काम के लिए कर सकती है।
एसपी के मुताबिक, संभल में पिछले दो वर्षों में 39 नई पुलिस चौकियों की स्थापना की गई है। इसके अलावा दो नए थाने भी स्थापित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में संभल में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ विकास के क्षेत्र में भी काफी काम हुआ है। प्रशासन की ओर से शहर और जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
संभल में इलाज की बढ़ी सुविधाएं
संभल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी काम किया गया है। यहां पीपीपी मॉडल पर श्री सिद्धि विनायक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। अमर उजाला की टीम ने अस्पताल पहुंचकर यहां मिलने वाली चिकित्सा और शिक्षा संबंधी सुविधाओं की पड़ताल की।
श्री सिद्धि विनायक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजीव एच. भट्ट ने बताया कि अस्पताल की स्थापना वर्ष 2024 में हुई थी। इसके बाद इसे पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया गया। मेडिकल कॉलेज में 150 छात्रों के लिए पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल के शुरू होने से स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख कम करना पड़ रहा है और उन्हें अपने क्षेत्र में ही कई तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में 950 बेड की व्यवस्था है। यहां अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए भी उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं अपने ही जिले में मिल रही हैं और गंभीर बीमारी या जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है।