धर्मस्थल में रखी पवित्र धार्मिक पुस्तक के कुछ हिस्से जलाए जाने को लेकर संभल में अचानक तनाव फैल गया। अफवाहें फैलने लगीं, नतीजतन बाजार में दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे।
इधर, सूचना पर कई थानों की पुलिस के साथ एएसपी और एसपी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर घरों की ओर भेजा। लोगों ने भी समझदारी दिखाई, हिंदू-मुस्लिम एक साथ निकले और बंद दुकानें खुलवाईं। बिगड़े हालात की डीआईजी भी संभल पहुंच गए। उन्होंने मौका मुआयना किया। गनीमत रही कि अमन को आग लगाने की कोशिश नाकाम हो गई।
मोहल्ला ठेर में एक धर्मस्थल है। पुलिस को बताया गया कि शुक्रवार दोपहर बाद लोग अपने-अपने घर चले गए थे, तभी किसी शरारती ने एक अलमारी में रखी पवित्र धार्मिक पुस्तक को जलाने की कोशिश की, भीतर गुटखा थूका गया।
तकरीबन 3.30 बजे मोहल्ले के एक युवक ने धर्मस्थल से धुआं उठते देखा तो वह भीतर गया। इसके बाद उसने यह जानकारी मोहल्ले के लोगों को दे दी। लोग धर्मस्थल के पास एकत्र हो गए। शाम चार बजे तक एएसपी, सीओ और कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घटना की जानकारी ली। एफआईआर के लिए तहरीर मांगी।
मामला शांत हो गया था कि, दो घंटे बाद करीब छह बजे लोग दोबारा एकत्र हो गए। अफवाहें फैलाने की कोशिश की गई। इस पर पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए लोगों को धर्मस्थल के पास से हटाया। इधर, अफवाहों के चलते बाजार में अफरातफरी भरा माहौल हो गया।
दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके घर जाने लगे, ग्राहक भी घर लौट रहे थे। इस पर पुलिस ने घटना की गंभीरता से लेते हुए मुस्लिम व्यापारी हाजी एहतेशाम, व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल और मुफ्ती नफीस अख्तर की मदद से दुकानें खुलवाईं। कई लोग बाजार खुलवाने में लग गए।
वहीं एसपी रवि शंकर छवि भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने व्यापारियों से दुकान खोलने का आह्वान करते हुए सड़क पर खड़े लोगों को घरों के लिए भेजा। वह एक घंटे तक बाजार में पुलिस के साथ भ्रमण करते रहे। बाद में डीआईजी ओंकार सिंह ने भी संभल पहुंचकर मौका मुआयना किया।