संभल। शहर के दीपा सराय निवासी उस्मान, सईद अख्तर और शरजील पाकिस्तान में हैं और आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। इसका खुलासा आसिफ और जफर मसूद ने वर्ष 2015 में दिल्ली स्पेशल सेल के सामने किया था। इसका जिक्र पटियाला कोर्ट में दाखिल किए गए आरोपपत्र में भी पुलिस द्वारा किया गया था।
इन सभी के साथ दीपा सराय निवासी सना उल हक उर्फ शन्नू उर्फ मौलाना आसिम उमर भी था। हालांकि वह वर्ष 2019 में मारा जा चुका है लेकिन अब उस्मान के पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद होने की जानकारी सामने आई है तो यह भी खुलासा हुआ है कि सईद अख्तर और शरजील जो अभी तक लापता माने जाते थे वह पाकिस्तान में थे और मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद मिलकर आए थे। इसके बाद ही वर्ष 2015 में दिल्ली की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे में इन सभी के नाम शामिल किए गए थे।
मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अलकायदा का दक्षिण एशिया प्रमुख था। जो 1998 में संभल से लापता हुआ था। वर्ष 2016 में अमेरिका ने आतंकियों की सूची जारी की थी। जिसमें उसका नाम शामिल था। वर्ष 2019 में अमेरिका और अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में मारा जा चुका है। आसिफ और जफर मसूद के जो बयान दर्ज किए गए थे उसमें उन्होंने बताया था कि वह जब पाकिस्तान गए तो वहां मौलाना आसिम उमर से मिले थे। जो आतंकी गतिविधियां देश में की गई थीं वह उसकी ही साजिश थी।
मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद अलकायदा की सहायक शाखा अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टीनेंट (एक्यूआईएस) के लिए काम करते थे। इस संगठन का काम युवाओं को गुमराह कर आतंक की राह पर लाने का था। 15 दिसंबर 2015 को मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में उस्मान के साथ सईद अख्तर, शरजील और सना उल हक उर्फ शन्नू उर्फ मौलाना आसिम उमर समेत 17 आरोपी बनाए गए थे। जुलाई 2016 से कई आरोपी भगोड़े घोषित किए गए थे। इसमें सईद अख्तर, शरजील और सना उल हक उर्फ शन्नू उर्फ मौलाना आसिम उमर भी शामिल था।
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विदेश मंत्रालय ने जो सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी वह भेज दी गई है। मोहम्मद उस्मान, सईद अख्तर, शरजील और सना उल हक उर्फ शन्नू उर्फ मौलाना आसिम उमर भी भगोड़े घोषित हैं। सना उल हक उर्फ शन्नू उर्फ मौलाना आसिम उमर मारा जा चुका है। स्थानीय स्तर पर आगे भी छानबीन कराई जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल