संभल। श्री शिव मंदिर रिठाली और श्री हनुमान मंदिर ठिलूपुरा में शनिवार को जनकल्याण सत्संग में प्रवचन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दिल्ली से आए कृपानंद ने प्रवचन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और धर्मशास्त्रों में सद्गुरु का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। सदगुरु ज्ञान, भक्ति और मोक्ष के दाता होते हैं जो शिष्य को आत्मज्ञान देकर उसे भगवान से मिलाने का काम करते हैं। भगवान का भजन करने से ही मनुष्य मायारूपी भवसागर से पार हो सकता है। ज्ञान की प्राप्ति के लिए मनुष्य के अंदर सच्चा प्रेम, श्रद्धा और समर्पण होना चाहिए।
बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। सावन में सेवा, सत्संग, भजन और धार्मिक कार्य करने से भक्त को बहुत पुण्य मिलता है। भगवान शिव से बड़ा दयालु कोई नहीं है। यह थोड़ी सी सेवा-भक्ति से प्रसन्न होकर अपने भक्त को मन वांछित फल प्रदान करते हैं।
इस दौरान पूर्व प्रधान शारदा देवी, भोले सिंह त्यागी, महेश त्यागी, विजयपाल सिंह, सतवीर त्यागी, ज्ञानपाल त्यागी, बाबा कर्मदास, अमित त्यागी, रोहित भटनागर, सुशील कुमार, विक्की भटनागर, महेश प्रजापति, धर्मेंद्र कुमार आदि रहे।