धनारी। अलीगढ़-बरेली पैसेंजर ट्रेन की जनरल बोगी में रविवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नशे में धुत एक यात्री ने अचानक आग बुझाने वाला सिलिंडर (अग्निरोधी उपकरण) खोल दिया। सिलिंडर से पाउडर निकलते ही कोच में गुबार छा गया। ट्रेन में आग लगने की अफवाह पर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कुछ ने चलती ट्रेन से बाहर निकलने का भी प्रयास किया। आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
रविवार दोपहर करीब दो बजे अलीगढ़-बरेली पैसेंजर ट्रेन धनारी व पाठकपुर के बीच यह घटना हुई। आग लगने के अंदेशे पर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ चीखने लगे। कुछ यात्रियों अपनी सीट छोड़कर चलती ट्रेन से बाहर निकलने का प्रयास भी किया लेकिन सफल नहीं हो पाए। यात्रियों ने ट्रेन में आग लगने की सूचना फोन पर अपने लोगों को देना शुरू कर दी।
इसी बीच यात्रियों ने देखा कि आग जलती कहीं नहीं दिख रही है। कुछ देर बाद यात्रियों को समझ आया कि किसी ने बेवजह अग्निरोधी उपकरण खोल दिया है। आग नहीं लगने की पुष्टि होने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली और स्थिति सामान्य हुई। घटना के बाद शोर मचने पर ट्रेन भागनगर उर्फ मनिहारनगर पर रोक दी गई। सूचना पर आरपीएफ पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया।
ट्रेन करीब बीस मिनट तक खड़ी रही। इस बीच कुछ यात्री अपने परिवार के साथ ट्रेन से उतर गए और हाईवे पर पहुंचकर सवारी गाड़ी का इंतजार करते दिखे। बस और अन्य वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना हुए।
चंदौसी आरपीएफ थाना प्रभारी गोविंद सिंह ने बताया कि आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। उसके नशे में होने की बात सामने आई है। धनारी स्टेशन अधीक्षक हुकुम सिंह मीना ने बताया कि ऐसी कोई घटना उनके संज्ञान में नहीं है।
दो साल पहले सिलिंडर लीक होने पर चलती ट्रेन से कूदकर घायल हुए थे कई यात्री
चंदौसी। करीब दो साल पहले भी 21 जुलाई 2024 को बरेली-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन में इसी तरह की घटना हुई थी। ट्रेन के सात नंबर डिब्बे में अग्निरोधी उपकरण लीक होने के कारण सिलिंडर से निकले पाउडर के गुब्बार को देखकर यात्रियों में ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई थी। घबराए यात्री चलती ट्रेन से कूदने लगे थे, जिससे कई यात्रियों को चोटें भी आई थीं। जांच में सात नंबर बोगी में फायर सिलिंडर लीक मिला था। संवाद