चंदौसी(संभल)। भले ही सरकार ने हर गांव को सड़क से जोड़ दिया है, लेकिन यातायात के साधनों का अभाव अब भी लोगों को अखर रहा है। हालत यह है कि शहर से बदायूं जिले के प्रमुख सहसवान एवं इस्लामनगर शहरों के आवागमन का कोई सीधा साधन न होने के कारण यात्रियों को डग्गामार वाहनों में जान जोखिम में डालकर टुकड़ों में सफर तय करना पड़ता है। इसमें समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी होता है।
चंदौसी से इस्लामनगर की दूरी महज 17 और सहसवान की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में इन दोनों नगरों के लिए लोग आते-जाते हैं। इस रास्ते में कई स्कूल कालेज भी हैं, जिनमें पढ़ने के लिए प्रतिदिन छात्र-छात्राएं भी आते जाते हैं। दोनों कस्बों तक पहुंचने के लिए शहर से रोडवेज बस की कोई सुविधा नहीं है। सिर्फ बदायूं रोड पर पथरा तिराहे के पास से इक्का दुक्का डग्गामार बस ही इस्लामनगर तक जाती है। जिन यात्रियों को सहसवान जाना होता है, वे इस्लामनगर से डग्गामार वाहनों में बैठकर पहुंचते हैं। आलम ये है कि चंदौसी से इस्लामनगर तक के लिए प्राइवेट बसों का भी कोई शेड्यूल नहीं है।
इन दोनों नगरों के लिए रोडवेज बसें चलाने के लिए कई बार मांग उठी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पूरी तरह से डग्गामार वाहनों का सहारा होने के कारण खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गाें को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। अहम बात यह भी है कि इस मार्ग पर चलने वाले डग्गामार वाहनों के चालक भी सवारियां खचाखच भरने के बाद ही आगे बढ़ते हैं। इसके लिए कई वार यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
चंदौसी रोडवेज बस स्टैंड के प्रभारी राजीव यादव का कहना है कि लोगों की मांग को देखते हुए सहसवान व इस्लामनगर रोड पर बसों का संचालन शुरू करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई दिया निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।