संभल। राज्य सरकार सड़क हादसों की संख्या बीते वर्ष के मुकाबले आधी करने की ओर बढ़ना चाहती है लेकिन जिले में सड़कों की हालत ऐसी नहीं हैं। संभल-चंदौसी, संभल-मुरादाबाद मार्ग पर खतरनाक गड्ढे हैं। जरा सी चूक हो जाए तो हादसा तय है। यह स्थिति तब है जब शासन ने बार-बार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए हैं।
सड़क सुरक्षा को दृढ़ करने के आदेश दिए हैं लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। पहली जनवरी से 28 फरवरी तक 49 हादसों में 31 लोगों की जान गई। महीने में करीब 25 हादसों का औसत सामने आया है। हादसों की संख्या आधी तब होती जब प्रतिमाह घटकर 10-12 हादसों का औसत रह जाता। वर्ष 2020 में 272 हादसे हुए। इन हादसों की संख्या को आधा करने का इरादा राज्य सरकार ने व्यक्त किया। इसी इरादे के साथ यातायात माह मनाया गया था। वाहन चालकों को जागरूक किया गया था। लेकिन जब सड़कें ठीक नहीं हैं तो हादसे कैसे घटेंगे।
संभल-चंदौसी मार्ग पर भवानीपुर पुल तक सड़क के आठ किलोमीटर हिस्से में छोटे-बड़े 213 गड्ढे हैं। सबसे खतरनाक गड्ढा सैफ खां सराय में है। संभल-मुरादाबाद मार्ग पर संभल से सिरसी तक सड़क के 11 किलोमीटर हिस्से में छोटे-बड़े 46 गड्ढे हैं।
सिरसी में सिरसी रेलवे क्रासिंग से पहले एक बड़ा गड्ढा है। गड्ढे दो महीने से ज्यादा समय से हैं। इन दोनों मार्गों से होकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अलावा लोक निर्माण विभाग के अभियंता भी गुजरते हैं पर किसी ने गड्ढों को बंद कराने के बारे में कोई कदम नहीं उठाया जबकि सड़क सुरक्षा के उपायों को लेकर अधिकारी बैठकें करते रहते हैं। साथ ही यातायात माह भी मना चुके हैं।
संभल जिले में सड़क हादसों की स्थिति
वर्ष - हादसे - मृत - घायल
2015 200 150 164
2016 272 186 200
2017 261 172 137
2018 287 201 186
2019 314 226 179
2020 272 171 157
(वर्ष 2021के जनवरी और फरवरी महीने में 49 हादसों में 31लोगों की जान गई और 26 लोग घायल हुए हैं)