नेहटा विवाद पर ग्रामीणों से बातचीत करते अधिकारी।
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नेहटा गांव में धर्म स्थल निर्माण विवाद में सोमवार को अपर जिलाधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के गणमान्य लोगों के साथ बैठक हुई। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई जिसमें विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने की बात कही। पूर्व स्थिति में लाने पर भी चर्चा हुई जिस पर जिला प्रशासन के सामने दोनों समुदायों के लोगों ने मिल-जुलकर रहने और विवाद को आपसी सहमति से हल कर लेने की बात कही।
नेहटा गांव में धर्म स्थल निर्माण कोे लेकर उपजे विवाद में दोनों समुदायों ने गांव छोड़ने की बात कही। इसके बाद दोनों पक्षों की बैठक हुई जिसमें दोनों समुदायों के आज ग्यारह लोग थाने पहुंचे। एडीएम राजेंद्र प्रसाद यादव और एएसपी पंकज कुमार पांडेय की मध्यस्थता में पूर्वाह्न 11.30 बजे से अपराह्न दो बजे तक बैठक हुई। दोनों पक्षों नंे अपनी-अपनी बात कही। अफसरों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया कि गांव की शांति व्यवस्था को किसी भी स्थिति में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
बाद में ग्रामीणों ने कहा कि वह गांव के मुखिया नहीं है। ग्रामवासियों की आपसी सहमति होनी आवश्यक है। इस पर अफसरों ने ग्रामीणों से कहा कि वह दस दिन के अंदर आपसी सहमति से समस्या का समाधान कर लें। निर्माण स्थल को पूर्व स्थिति में बनाने का प्रयास करें। कोई नया निर्माण बिना वैधानिक अनुमति के नहीं होने दिया जाएगा। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करने पर विवश होगा। इसके साथ ही उप जिला मजिस्ट्रेट चंदौसी ओमवीर सिंह ने शांतिभंग होने की आशंका में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को जमानत पर रिहा कर दिया।
बैठक में एसडीएम ओमवीर सिंह, सीओ ओमकार सिंह के अलावा एक पक्ष के गिरिराज किशोर, विपिन सिंह, ओमवीर सिंह, बलवीर शर्मा, सुंदरलाल मौर्य तथा दूसरे पक्ष से ग्राम प्रधान इलियास, असगर सैफी, रईस सैफी, हाजी मकसूद, सिराज सैफी, अब्दुल मजीद मलिक आदि मौजूद रहे।