संभल। जिले में सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। जिला अस्पताल से भी प्राथमिक उपचार के बाद ज्यादातर मामले मंडलीय अस्पताल मुरादाबाद के लिए रेफर होते हैं। लोग मुरादाबाद जाने की जगह संभल के निजी अस्पतालों में उपचार कराते हैं। गंभीर मामलों के मरीज जिला अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाते जबकि मामूली मारपीट में घायल मरीजों को भर्ती कर लिया जाता है। वहीं ज्यादातर सीएचसी में कोई मरीज भर्ती नहीं किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग सुविधाओं के अभाव का दावा करता है, लेकिन जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की भी तैनाती के बाद भी फ्रैक्चर के मामले रेफर कर दिए जाते हैं। जिला अस्पताल में एक महीने में रेफर किए गए मरीजों की संख्या मालूम करने पर बताया गया कि 13 अप्रैल से 12 मई तक 31 लोग मुरादाबाद रेफर किए गए हैं। ये सभी मरीज गंभीर थे, इसलिए रेफर किया गया। सीएमएस का दावा है कि चिकित्सकों की कमी की वजह से मरीज रेफर कर दिए जाते हैं। वहीं सीएमएस का कहना है कि ऑपरेशन की सुविधा तो है लेकिन एनेस्थीसिया चिकित्सक की कमी है। इसलिए ऑपरेशन नहीं किए जाते।
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जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के ऑपरेशन करने के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन एनेस्थीसिया चिकित्सक की कमी है। इनके अलावा और भी चिकित्सकों की कमी है जिसके चलते गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
डा. अनूप अग्रवाल, सीएमएस, जिला संयुक्त चिकित्सालय, संभल।