संभल। शासन के आदेश पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर हुए बवाल के दौरान संभल में 70 लोगों को जारी नोटिस जिला प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। जिला प्रशासन ने वसूली के लिए जारी किए प्रमाणपत्र भी वापस ले लिए हैं। तीन लोगों से वसूली गई धनराशि भी वापस होगी। अब इस मामले की रिपोर्ट अध्यक्ष दावा अधिग्रहण मेरठ के लिए भेजी गई है।
दरअसल, 19 और 20 दिसंबर 2019 को संभल और चंदौसी में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर बवाल हुआ था। 19 दिसंबर 2019 को संभल के चौधरी सराय में रोडवेज बस फूंक दी गई थी और कई सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हुआ था। इसके बाद, 20 दिसंबर 2019 को संभल के चौधरी सराय, चंदौसी चौराहे, नखासा, शंकर कॉलेज पर बवाल हुआ था। इसी दिन चंदौसी में बवाल हुआ था। इसमें निजी और सरकारी संपत्ति की काफी हानि हुई थी।
संभल में रोडवेज बस के अलावा बाइक को भी भीड़ ने फूंक दिया था। संभल कोतवाली, नखासा थाना और चंदौसी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थीं। पुलिस ने ही संपत्ति के आकलन की रिपोर्ट प्रशासन को दी थी। इसके बाद शासन के आदेश पर संभल जिला प्रशासन ने 70 लोगों को वसूली के लिए नोटिस दिया था। इसमें 12 लोग चंदौसी के थे और 58 लोग संभल के शामिल थे। इन सभी से 1,931565 रुपये की वसूली की जानी थी। इसमें 1,850565 रुपये संभल के 58 लोगों से और चंदौसी के 12 लोगों से 81 हजार रुपये वसूलने के लिए नोटिस व प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। उपद्रव के दौरान 1,54180 की सरकारी और 3,91385 की निजी संपत्ति को क्षति पहुंची थी। इस क्षति की वसूली चंदौसी के तीन लोगों से 27 हजार हो भी चुकी है। सर्वोच्च न्यायालय की पहली सुनवाई के बाद ही शासन ने संज्ञान लिया था। संभल जिले में 14 फरवरी को हुए मतदान के दिन ही इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया था। नोटिस निरस्त करते हुए वसूली के प्रमाणपत्र प्रभारी अधिकारी संग्रह से वापस ले लिए गए हैं। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से अध्यक्ष दावा अधिग्रहण मेरठ को रिपोर्ट भेज दी है।
शासन के आदेश पर नोटिस को निरस्त कर दिया गया है। वसूली के प्रमाण वापस ले लिए हैं और फाइलों को दावा अधिग्रहण मेरठ को भेज दिया है। जिन तीन लोगों से वसूली की जा चुकी है उनकी धनराशि वापस की जाएगी।
केके अवस्थी, अपर जिलाधिकारी, संभल।