संभल। खतौनी की नकल फर्द के कार्यालय पर ताला देख कर किसान लौट रहे हैं। लॉक डाउन खत्म होने के बाद अधिकतर सरकारी दफ्तर खुल गए हैं लेकिन संभल की पुरानी तहसील में स्थित राजस्व विभाग का कार्यालय नहीं खुला जिससे किसानों को खतौनी की नकल फर्द नहीं मिल पा रही है ।
खतौनी जारी करने के लिए बना सरकारी कार्यालय बंद है। किसान और अधिवक्ता परेशान होते हैं। तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि जिन्हें जमीन के बैनामे करने हैं या कर्ज लेना है, उनके लिए खतौनी की नकल लेना जरूरी होता है लेकिन खतौनी की नकल के लिए बना कार्यालय लॉक डाउन होने के बाद से बंद है। अब तमाम किसान आते हैं और उन्हें जब ताला लटका दिखता है तो वे साइबर कैफे जाते हैं जहां मनमानी पैसे देने के बाद खतौनी की नकल निकल पाती है। अगर किसानों को वाजिब मूल्य पर नकल दिलाई जानी है तो फिर सरकारी कार्यालय को शुरू कराया जाए जहां से आसानी से नकल मिल जाए। इस मामले में तहसीलदार करम सिंह ने बताया कि खतौनी के लिए कार्यालय में भीड़ अधिक हो सकती है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए अभी कार्यालय को खोला नहीं गया है जल्दी ही इसे खोलेंगे लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।