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Sambhal News: राष्ट्रीय किसान संघर्ष समिति ने नई कृषि नीति की जलाई पत्रावली

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नई कृ​षि नीति की पत्रावली जलाते किसान। - फोटो : नई कृ​षि नीति की पत्रावली जलाते किसान।
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चंदौसी। राष्ट्रीय किसान संघर्ष समिति अराजनैतिक ने सोमवार को गांव असालतपुर जारई के चौराहे पर नए कृषि कानून की पत्रावलियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार मंडियों को समाप्त कर किसानों के अनाज को उनके घर से ही व्यापारियों द्वारा खरीदने का नया कानून ला रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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सोमवार को राष्ट्रीय किसान संघर्ष समिति अराजनैतिक के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता गांव असालतपुर जारई के चौराहे पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने नई कृषि बिल की प्रतिलिपियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने बताया कि भारत सरकार ने नया किसान विरोधी विरोधी कानून तैयार किया हैं। जिसके तहत व्यापारी किसानों के अनाज को उनके घर से ही खरीद कर ले जा सकेंगे। इससे अनाज मंडियां समाप्त हो जाएंगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मंडियों में व्यापारियों द्वारा बोली लगा कर किसानों की फसलों को खरीद लिया जाता है। इससे किसानों को फसल की अच्छी लागत मिल जाती है। लेकिन मौजूदा सरकार किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर शलभ शर्मा, राहुल कश्यप, संजीव राघव, सुरजीत राघव, सत्यम राघव, मुकेश शर्मा, राज पाल कश्यप, हरिओम शर्मा, ओमकार सिंह, मंगल सैन सैनी, रामप्रसाद मौर्य, संजय पाल आदि उपस्थित रहे।
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भाकियू टिकैत ने तहसील पर किया प्रदर्शन
चन्दौसी । नए कृषि नीति के विरोध में भाकियू टिकैत ने सोमवार को तहसील परिसर में पत्रावलियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी की।

सोमवार को भाकियू टिकैत के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदेश प्रमुख महासचिव / प्रभारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश विजेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में तहसील परिसर में एकत्रित हुए। जहां कार्यकर्ताओं ने नई कृषि नीति कानून की प्रतिलिपियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदेश प्रमुख महासचिव ने बताया कि बीते सालों दिल्ली की सीमाओं पर 13 माह चले आंदोलन के माध्यम से तीन किसान विरोधी काले कानून वापस कराए गए थे। इस आंदोलन में सात सौ किसानों को बलिदान देना पड़ा था। अब सरकार फिर नई कृषि नीति के द्वारा उन काले कानूनों को लागू करना चाहती हैं। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा। अगर सरकार नई कृषि नीति के कानून को वापस नही लेती हैं, तो संगठन की ओर से आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन करने वालों में श्री यादव, देशराज सिंह यादव, महावीर सिंह, मुनेंद्र सिंह यादव, विपिन यादव, राजपाल सिंह यादव, शिवनारायण सिंह, अजयपाल सिंह, रमाशंकर शर्मा, मोहम्मद जफर, राशिद अली, हरि सिंह, महिपाल सिंह, राज बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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