शुक्रवार को पवित्र रमजानुल मुबारक के महीने का पहला जुमा था। तमाम मुस्लिम इलाकों में एहतराम के साथ जुमे की नमाज अदा की गई। नमाज अदा करने के बाद देश और कौम की सलामती और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं।
शुक्रवार को सुबह से ही जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिम समुदाय में खुशी और तैयारी का माहौल रहा। जुमे की नमाज के लिए मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गईं। नमाज से पहले उलेमा इकराम ने रमजानुल मुबारक की फजीलत के ताल्लुक से तकरीर फरमाई। लोगों से इस पवित्र महीने में अधिक से अधिक नेकी के कार्य करने और इबादत करने की नसीहत की गई। बड़ी मस्जिद इमाम कारी जमीर, स्कूल वाली मुफ्ती उवेश, शाही मस्जिद में कारी नईम, इस्लामगंज वाली मस्जिद में हाफिज मतीन, जामा मस्जिद वाली मस्जिद में मौलाना इफ्तखार, लाल मस्जिद में मुफ्ती नसीम सीकरी गेट शेखों वाली मस्जिद हाफिज मुशाहिद, अंसारी वाली मस्जिद में सूफी नासिर ने नमाज अदा कराई।
इसी के साथ रमजान का पहला कुरान शरीफ लक्ष्मणगंज में मुकम्मल हुआ। हाफिज उमर ने कुरान पढ़ा। उधर जनेटा में मियां वाली मस्जिद में हाफिज मो. शफी ने जुमे की नमाज अदा कराई। तकिये वाली मस्जिद में हाफिज मो. सुहेल, दालान वाली मस्जिद में कारी जाहिद हुसैन, मोहम्मदी मस्जिद में हाफिज तफसीर आलम और हुसैनी मस्जिद में हाफिज मो. अली ने जुमे की नमाज अदा कराई। वहीं शाम को मगरिब की अजान के बाद रोजेदारों ने रोजा इफ्तार किया और कामयाबी व अमन चैन की दुआएं मांगीं। इस दौरान बड़ी मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों पर एहतियातन पुलिस मुस्तैद रही।