हजारों श्रद्धालुओं ने पाप नाशनी मां गंगा की धारा आस्था की डुबकी लगाई। इसके चलते बबराला-राजघाट मार्ग पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही।
राजघाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के चलते राजघाट पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ऐसे में बबराला-राजघाट मार्ग पर दिन भर जाम लगा।
निजी वाहन, प्राइवेट बस और ट्रैक्टर-ट्रालियों से लोग स्नान को पहुंच रहे थे। हालांकि रोड काफी चौड़ा है, उसके बावजूद यहां जाम लगा रहा। वाहन बेतरतीब खड़े किए गए। आने वाले रास्तों पर भी दूसरी ओर से वाहन चालक अपने वाहन लेकर पहुंच गए जिससे वाहन अटके और जाम की स्थिति बनी।
काफी देर यातायात फंसा रहा। किसी तरह रेंग-रेंगकर वाहन चले। देर शाम तक भीड़ छटने तक यही स्थिति बनी रही। बबराला-राजघाट मार्ग से तीन किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग मुरादाबाद-आगरा पर इसका असर देखने को नहीं मिला। वहां स्थिति साफ ही रही।
रेलवे पुल की रेल पटरी पर किया जोखिम भरा सफर
बबराला। अपनी नासमझी दिखाते हुए श्रद्धालुओं ने रेल की पटरी पर पैदल चलते हुए खतरे से भरा सफर तय किया। गंगा नदी पर बने लंबे रेलवे पुल के दोनों ओर आने-जाने का मार्ग है लेकिन भीड़ के खचाखच होने के बाद कुछ श्रद्धालु जान की परवाह किए बगैर रेल केे पुल पर बनी पटरी पर दौड़े। जिसके चलते उस वक्त खलबली मच गई जबकि ट्रेन पुल से गुजरने वाली थी। जैसे तैसे पटरी पर चल रहे श्रद्धालु अपने आप को बचा सके।
बस चालकों की मनमानी से लगा जाम
बबराला (ब्यूरो)। पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था के वाबजूद भी निजी बस चालकों ने मनमानी की। और सवारी भरने के लिए हाइवे किनारे बस खड़े करने लगे। जिससे भागीरथी मार्ग पर कई बार जाम लगा। जिसे सुचारू कराने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
बस और ट्रेनों में दिखी भीड़
चंदौसी। गंगा स्नान पर राजघाट जाने के लिए बसों और ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली। कोच के गेट तक पर लोग लटके रहे। रेलवे स्टेशन की टिकट विंडो पर भी श्रद्धालुओं की भारी संख्या देखने को मिली। अलीगढ़ की ओर जाने वाली ट्रेनों में काफी भीड़ रही। जीआरपी ने भी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की थी। ट्रेनों में पुलिस बल के साथ ही सभी स्टेशनों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। डग्गामार वाहनों और बसों में भी खूब भीड़ रही।