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संभल जिले में गेहूं पर आफत बनकर बरसा पानी

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संभल की कृष्णा मार्केट में बरसात के बाद हुआ जलभराव। - फोटो : SAMBHAL
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संभल/चंदौसी/धनारी/जुनावई/गुन्नौर। संभल जिले में एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। उस समय किसान कटाई और निकासी में व्यस्त था। अगर बारिश न होती तो रविवार को भी बड़ी मात्रा में गेहूं की निकासी होती और सैकड़ों बीघा गेहूं खेतों से काटा जाता लेकिन रविवार को दिन में 11 बजे से आसमान में अचानक बादल छा गए और इसके बाद 11.30 बूंदाबांदी होने लगी। तेज बारिश 12.20 से 01.30 बजे तक हुई। इससे सबसे अधिक क्षति उस गेहूं को हुई है जो कटा हुआ खेत-खलिहान में रखा था। दूसरी क्षति खेतों में मौजूद पके हुए गेहूं को हुई है।
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धनारी में किसान चंद्रपाल सिंह प्रजापति के गेहूं की निकासी हो रही थी। अचानक बारिश से निकासी रुक गई। भूसा भीग गया। होरीलाल कुशवाह ने बताया कि किसान बारिश के डर से गेहूं की निकासी के लिए किसान दिन-रात एक कर रहा था लेकिन रविवार को 11.45 बजे बारिश से किसानों के कार्य पूरी तरह से रुक गए। आंधी-तूफान के साथ घनघोर घटा घिरने से रविवार को दोपहर जुनावई क्षेत्र के किसान चिंता में डूब गए। किसान चिंता में डूबे थे कि थोड़ी ही देर में बारिश शुरू हो गई है। करीब आधा घंटा बारिश होने से किसानों की कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग गई है। वहीं फसल निकासी की तैयारी कर रहे किसान अब मौसम खुलने और धूप से सूखने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें अभी तीन चार दिन का वक्त लगेगा।
मेंथा और गन्ना के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी
चंदौसी/धनारी। क्षेत्र के गांव में बारिश होने से किसानों की गेहूं को क्षति हुई है पर गन्ना और मेंथा की फसल के लिए फायदा हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं की पचास प्रतिशत फसल की निकासी हुई है। अभी पचास प्रतिशत फसल से गेहूं निकाला जाना है। जबकि मेंथा और गन्ना जिनके खेतों है उन्हें अब कई दिन सिंचाईं नहीं करनी पड़ेगी।
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संभल जिले में 1.40 लाख हेक्टेयर में होता है गेहूं
संभल। जिले में 1.40 लाख हेक्टेयर गेहूं का रकबा है। गेहूं की कटाई 80-90 प्रतिशत तक हो गई है लेकिन 20-30 प्रतिशत कटा हुआ गेहूं खेत और खलिहान में है। इस गेहूं की थ्रैसिंग होनी है। बारिश होने से थ्रैसिंग रुक गई है अब तीन दिन जब कायदे की धूप निकलेगी तब गेहूं सूखेगा और उसकी निकासी हो सकेगी। इसमें भी गेहूं खराब होने का अंदेशा है। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र प्रताप ने दी है।
पहले की क्षतिपूर्ति नहीं हुई, अब फिर हुआ नुकसान
संभल। ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण दिसंबर 2019 में फसलों को भारी क्षति हुई थी। संभल जिले में किसानों को आलू और सरसों में भारी क्षति हुई थी। संभल तहसील के उप जिलाधिकारी ने संभल तहसील के आलू और सरसों किसानों के लिए 12 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति मांगी थी लेकिन दैवी आपदा की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। किसान मदद का इंतजार कर रहे हैं।
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