चंदौसी। भीषण गर्मी में रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। गर्मी में यात्री तप रही फर्श पर बैठकर व लेटकर अपनी ट्रेनों का इंतजार करते हैं क्योंकि रेलवे स्टेशन पर कायाकल्प का कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था डेढ़ वर्ष बीतने के बाद वेटिंग रूम नहीं बना सकी। रेलवे की ओर से भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ रहा है।
चंदौसी रेलवे स्टेशन से करीब एक दर्जन से ज्यादा एक्सप्रेस व लोकल रूट पर जाने वाली ट्रेनें गुजरती हैं। हर रोज करीब पांच हजार यात्रियों का रेलवे स्टेशन पर आवागमन होता है। इस रेलवे स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया था। जिसके तहत स्टेशन पर कायाकल्प का कार्य वर्ष 2023 के दिसंबर से चल रहा है। लेकिन डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्यदायी संस्था प्लेटफार्म दो की ऊंचाई बढा़कर समतल करने, स्वचालित सीढि़यों, फ्रंट का सौंदर्यीकरण और वेटिंग रूम को बनाने का कार्य पूरा नहीं कर सकी।
यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी वेटिंग रूम तैयार न होने से हो रही है। अगर लंबे रूट की कोई ट्रेन लेट हो जाए, तो यात्री रेलवे स्टेशन के परिसर में गर्म फर्श पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार करने पर मजबूर होते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत तो रात में ट्रेन लेट होने से यात्रियों को होती है। रात के समय यात्री स्टेशन परिसर में ही खुले में अपना सामान रखकर लेट जाते हैं। जिससे उन्हें अपना सामान चोरी होने का भय लगा रहता है। वहीं रेलवे ने भी यात्रियों के लिए वैकल्पिक वेटिंग रूम की व्यवस्था तक नहीं की।
कांट्रेक्टर याज्ञवेंद्र सिंह ने बताया कि वेटिंग रूम का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही वेटिंग रूम की बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।