संभल। लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के खिलाफ तीन दिन से कार्यालय में धरना दे रहे इंजीनियर और अन्य कर्मचारियों ने सोमवार की शाम धरना खत्म कर दिया। यह धरना अधिशासी अभियंता के द्वारा अपने व्यवहार और भाषा के लिए खेद जताने पर खत्म किया गया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता मुरादाबाद भी मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता ने लिखित में यह आश्वासन दिया है कि वह अपना व्यवहार और भाषा को परिवर्तन कर लेंगेे। यदि बदलाव नहीं होता है तो कर्मचारी धरना देने के लिए स्वतंत्र हैं। इस आश्वासन पर कर्मचारियों ने धरना खत्म करने के साथ ही अपनी शिकायत भी वापस ले ली है। लोक निर्माण विभाग कार्यालय में डिप्लोमा इंजीनियर संघ और मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य अधिशासी अभियंता किशनवीर सिंह के खिलाफ धरना तीन दिन से दे रहे थे।
कर्मचारियों की मांग थी कि अधिशासी अभियंता को हटाया जाए। इस मांग के पीछे कर्मचारियों के आरोप थे कि अधिशासी अभियंता का व्यवहार खराब है और वह गलत भाषा का इस्तेेमाल करते हैं। किसी कार्य में गलती हो जाती है तो गाइड भी नहीं करते और ठेकेदार की शिकायत करते हैं तो सुनवाई नहीं की जाती।
इसी क्रम में डिप्लोमा इंजीनियर संघ के जिलाध्यक्ष मुनीश कुमार और जिला सचिव अर्शी महताब के नेतृत्व में कर्मचारी मुरादाबाद में अधीक्षण अभियंता प्रवीन कुमार से मिले। कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अधीक्षण अभियंता कर्मचारियों के धरना स्थल संभल पहुंचे। जहां अधिशासी अभियंता को भी बुलाया गया। अधिशासी अभियंता ने कर्मचारियों से मौखिक व लिखित में कहा कि जाने अंजाने में जो गलत व्यवहार किया या भाषा का इस्तेमाल किया है। उसके लिए खेद है। साथ ही आश्वासन दिया कि वह अपने व्यवहार में एक महीने में परिवर्तन कर लेंगे। यह इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया है। जो शिकायती पत्र कार्रवाई के लिए दिया था। उसको भी वापस ले लिया गया है।