चंदौसी। शिक्षा से वंचित और किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सात से 14 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें फिर से विद्यालयों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पहल के तहत परिषदीय स्कूलों में विशेष कक्षाओं का संचालन किया जाएगा, जहां बच्चों को उनकी शैक्षिक स्तर के अनुसार पढ़ाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने अनुसार शासन का उद्देश्य है कि लंबे समय से पढ़ाई से दूर रहे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ कर बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके।
जिले में ऐसे बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है, जो किसी कारण से स्कूल नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इसके लिए शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये लोग गांवों और शहरों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों की जानकारी जुटाएंगे। सर्वे के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि बच्चे स्कूल क्यों नहीं जा रहे हैं और उन्हें दोबारा पढ़ाई से जोड़ने में क्या दिक्कतें आ रही हैं। इसके बाद चिह्नित बच्चों का नजदीकी परिषदीय या माध्यमिक विद्यालय में दाखिला कराया जाएगा। लंबे समय से पढ़ाई से दूर रहे बच्चों को सीधे नियमित कक्षाओं में बैठाने के बजाय उनके लिए विशेष कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।
इन विशेष कक्षाओं में बच्चों को उनके शैक्षिक स्तर के अनुसार पढ़ाया जाएगा। उन्हें पढ़ना-लिखना, गणित और अन्य बुनियादी विषयों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे धीरे-धीरे अपनी आयु के अनुसार कक्षा स्तर तक पहुंच सकें। विभाग का उद्देश्य सिर्फ बच्चों का नामांकन कराना नहीं, बल्कि उन्हें नियमित रूप से विद्यालय से जोड़कर पढ़ाई में रुचि विकसित करना भी है।
खंड शिक्षा अधिकारी मुंशी लाल पटेल ने बताया कि ड्रॉपआउट और आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए व्यापक सर्वे कराया जाएगा और हर बच्चे का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।