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कृषि कानूनों की वापसी के लिए काले दिवस पर राजनीतिक दल भी समर्थन में उतरे

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संभल। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के साथ ही राजनीति संगठनों ने भी विरोध किया। इसी क्रम में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल रहे। राजनीतिक दलों ने कृषि कानूनों के वापस लेने की मांग की है। इसी क्रम में समर्थन किया गया है।
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बुधवार को विधायक नवाब इकबाल महमूद ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर कृषि कानूनों का विरोध किया। काले झंडे लेकर और पट्टी बांधकर विरोध जताया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम दीपेंद्र यादव और सीओ अरूण कुमार सिंह को सौंपा। इस दौरान विधायक समर्थकों ने पुतला फूंकने का प्रयास किया लेकिन अधिकारियों के आग्रह के बाद पुतला नहीं फूंका गया।
विधायक ने कहा कि दिल्ली में छह महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। सरकार सुनवाई नहीं कर रही है। इस आंदोलन के दौरान 300 से ज्यादा किसानों की जान जा चुकी है। सरकार अनदेखी कर रही है। इसको सपा बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान सईद अख्तर, मोहम्मद कामिल, मुमताज, सुहैल इकबाल, फहीम आदि मौजूद रहे।
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वहीं दूसरी ओर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने सरायतरीन में ट्रैक्टर पर सवार होकर कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने रोक लिया और सपाइयों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई है। इस दौश्रान वरिक पाशा, धीरज पाशा, असलम, फैजान शाही, राजेश यादव, गुलाम मुश्तबा, अब्बास खां, इमरान, विरलेश यादव, अकरम, गुड्डू, साजिद, मोनिस कुरैशी आदि मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने काले झंडे लेकर जताया विरोध
संभल। आलम सराय स्थित कांग्रेस के कार्यालय पर कांग्रेसियों ने काले झंडे लेकर कृषि कानूनों का विरोध किया। इस दौरान काले झंडे लहराए गए। पुलिस की मुस्तैदी बनी रही। शहर कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष तौकीर अहमद ने कार्यकर्ताओं व किसानों के साथ मिलकर काला दिवस का समर्थन किया गया।
कहा कि अन्नदाता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसानों पर लाठियां पर बरसाई जा रही हैं। इस दौरान अकील अहमद, अभिषेक कुमार, जयपाल सागर, नासिर, अनूप कुमार आदि मौजू रहे।
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