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छात्रा बोली- जब पुलिस को वेतन मिलता है तो रिश्वत क्यों लेते हैं

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संभल के एमजीएम कालेज में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम के दौरान बोलते सीओ अरूण कुमार सिंह। - फोटो : SAMBHAL
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संभल। एमजीएम कालेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह से छात्र-छात्राओं ने बेबाकी से सवाल किए। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने सहजता के साथ जवाब दिए।
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एक छात्रा ने सवाल किया कि जब पुलिस को वेतन मिलता है तो रिश्वत क्यों लेते हैं। एक छात्रा ने कहा कि जब कोई लापता हो जाता है तो उसकी रिपोर्ट 24 घंटे बाद पुलिस क्यों दर्ज करती है। छात्रा ने अपने पड़ोस की एक युवती के लापता होने का हवाला भी दिया। कई छात्र-छात्राओं ने भी सवाल उठाए। गुरुवार को एमजीएम कालेज के प्राचार्य डा. आबिद हुसैन की अध्यक्षता में पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया गया। संचालन दुष्यंत मिश्र ने किया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने आम जनता के लिए पुलिस की जिम्मेदारी से सबको वाकिफ कराया। छात्राओं को यूपी 112 और 1090 नंबर की जानकारी दी। उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए आम लोगों से भी पुलिस की मदद का आग्रह किया। छात्र-छात्राओं को सवाल करने के लिए भी कहा। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने एक के बाद एक कई सवाल किए।
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छात्र महेश ने यूपी 112 पुलिस द्वारा बिना इवेंट मिले घायल को नहीं उठाने की बात कही। छात्र अशोक ने छेड़खानी के झूठे मुकदमे दर्ज होने पर सवाल किया। छात्र सुमित कुमार ने ई-रिक्शों से लगने वाले जाम पर सवाल किया। इस दौरान शिक्षकों ने भी सवाल किए।
डा. विकास यादव ने सवाल उठाया कि यदि खुद से थोड़ी गलती हो जाए तो कार्रवाई कैसे कराएं। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने पछतावा जाहिर करने को ही सजा बताया। डा. एसके दुबे ने रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस द्वारा बार-बार बुलाने को गलत बताया। इस पर पुलिस क्षेत्राधिकारी ने इसे पुलिस की कार्रवाई की प्रक्रिया का हिस्सा बताया। जिससे आरोपी को दोषी साबित किया जा सके।
आम आदमी पर ट्रिपल राईडिंग करने पर कार्रवाई तो पुलिस पर क्यों नहीं
बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा फरहा नाज ने सवाल उठाया कि वह 27 फरवरी को मुरादाबाद गई थी। रास्ते में पुलिस कर्मियों को ट्रिपल राईडिंग करते हुए देखा। छात्रा ने कहा कि जब आम आदमी का चालान किया जाता है तो पुलिस कर्मियों का क्यों नहीं किया जाता। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने पुलिस कर्मियों पर हुई कार्रवाई के उदाहरण दिए। नखासा थाने में तैनात क्राइम प्रभारी निरीक्षक राहुल कुमार के हेलमेट न पहनने पर चालान का भी हवाला दिया।
वेतन मिलने के बाद भी रिश्वत क्यों लेते हैं पुलिस कर्मी
बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा मंशा अली ने सवाल उठाया कि जब पुलिस को वेतन मिलता है तो रिश्वत क्यों ली जाती है। इस पर पुलिस क्षेत्राधिकारी ने जवाब दिया कि रिश्वत लोग दूसरे को फंसाने के लिए देने जाते हैं। लोगों को सतर्क रहना चाहिए और रिश्वत नहीं देनी चाहिए। कोई मांगे तो उसकी शिकायत करनी चाहिए।
नाबालिग को बड़े अपराध में सजा कम क्यों
छात्रा मुस्कान बंसल ने पूछा कि जब नाबालिग बड़ा अपराध करते हैं तो उन्हें सजा कम क्यों मिलती है। इस पर पुलिस क्षेत्राधिकारी ने किशोर न्यायालय, जेल और कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी।
लापता होने पर 24 घंटे बाद दर्ज क्यों की जाती है रिपोर्ट
बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा इरम परवीन ने पुलिस क्षेत्राधिकारी से पूछा कि किसी के लापता होने पर रिपोर्ट 24 घंटे बाद क्यों दर्ज की जाती है। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने कहा कि गुमशुदगी तत्काल दर्ज की जाती है। छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई होती है। यदि ऐसा कहीं किया जाता है तो तत्काल शिकायत करें।
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