संभल। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में पांच लोगों की जान गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए। इस बवाल का साजिशकर्ता कौन है इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। 41 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं। अभी साजिशकर्ताओं तक पहुंचना और बवाल में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। इस बवाल से जुड़ी 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिसमें सात बवाल करने पर पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई है। चार एफआईआर हत्या की दर्ज हैं और एक एफआईआर जानलेवा हमले की दर्ज की गई है। इन सभी 12 एफआईआर की जांच एसआईटी कर रही है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है। 41 आरोपी उपद्रव के गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 91 उपद्रवियों के नाम और 450 चेहरों की पहचान हो चुकी है। जिनके नाम और चेहरे सामने आ गए हैं उनकी तलाश की जा रही है। इस बवाल की साजिश रचने में कौन-कौन शामिल थे। उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। जल्द मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंच जाएंगे।
पांच की मौत, चार के मामले दर्ज हुए
बवाल के दौरान पांच लोगों की मौत हुई थी। इसमें हयातनगर निवासी रोमान, सरायतरीन निवासी बिलाल, कोटगर्वी निवासी अयान, नईम और तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ शामिल थे। रोमान के परिजनाें ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया था। इसलिए पुलिस ने बिलाल, अयान, नईम और कैफ की हत्या में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें कैफ की हत्या की रिपोर्ट नखासा थाने में दर्ज की गई है। बिलाल, अयान और नईम की हत्या की रिपोर्ट संभल कोतवाली में दर्ज की गई है।
सांसद पर है भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर भीड़ को भड़काने का है आरोप
संभल कोतवाली में तैनात दरोगा दीपक राठी ने सांसद जियाउर्रहमान बर्क व विधायक के बेटे सुहेल इकबाल को नामजद करते हुए 800 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें सांसद पर आरोप है कि 22 नवंबर को जुमा नमाज के बाद भड़काऊ भाषण दिया था। जबकि विधायक के बेटे पर आरोप है कि बवाल के दिन भीड़ से कहा कि सांसद जियाउर्रहमान हमारे साथ हैं और हम तुम्हारे साथ हैं। अपने मंसूबों को पूरा कर लो। इतना सुनने के बाद ही भीड़ ने उग्र रूप लिया और बवाल कर दिया।
पुलिस से लूट के मामले भी हैं दर्ज
नखासा थाने के दरोगा शाह फैसल ने मैगजीन व टियर गैस के गोले लूट के मामले में कुछ नामजद व अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में जो आरोपी हैं उनकी भी तलाश में पुलिस की टीम लगी है। अज्ञात को भी चिन्हित किया गया है। पुलिस को अभी लूटा गया सामान भी नहीं मिला है। जो आरोपी जेल गए हैं उनमें ज्यादातर वह शामिल हैं जिन्होंने पत्थरबाजी की थी।