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Sambhal News: यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से खुश हुए लोग, बांटी मिठाई

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संभल। यूजीसी के नए नियमों का विरोध लगातार बढ़ा तो सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट की रोक से सवर्ण वर्ग के लोगाें ने खुशी जाहिर की है। साथ ही नए नियमों को निरस्त किए जाने की मांग की जा रही है। यूजीसी के नए नियमों को सवर्ण विरोधी बताया जा रहा है। मांग की है कि पुराने नियमों का ही पालन किया जाना चाहिए। नए नियमों से सवर्ण छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर है। इसलिए रोक तो लग चुकी है लेकिन अब निरस्त के आदेश किए जाने चाहिए। तभी पूरी तरह देशभर में विरोध शांत होगा।
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बृहस्पतिवार को यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगने की जानकारी पर वैश्य एकता मंच कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर की और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। व्यापारियों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। बैठक में वीरेंद्र कुमार गुप्ता, अवधेश वार्ष्णेय, अजय अग्रवाल, सचिन गुप्ता मौजूद रहे। समाज हित संरक्षण समिति के पदाधिकारियों की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा गया है। इसमें भी नए नियमों का निरस्त करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संजीव सहारा, महीपाल सिंह, जयपाल सिंह, केडी शर्मा, नितिन शर्मा मौजूद रहे। हिंदू जागृति मंच की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हर्ष जताया गया है। मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की गई। इस दौरान अतुल कुमार शर्मा, सुबोध कुमार गुप्ता, हर्ष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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पहले से नियम लागू हैं तो नए नियम लागू कर सवर्ण समाज को क्यों निशाना बनाया जा रहा है। सवर्ण समाज की उपेक्षा की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। सरकार इन नए नियमों को निरस्त करे और पुराने नियमों का ही पालन कराए।
-भगवानदास शर्मा, संभल
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यदि किसी कारणवश अगड़ी पिछड़ी जातियों में भेदभाव करके सवर्ण समाज को कमजोर बनाया गया तो इसके लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा सवर्ण समाज हर समय तैयार रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाकर सवर्ण समाज का गुस्सा शांत किया है। यह नए नियम निरस्त किए जाने की मांग अभी भी जारी है।
-अजय कुमार शर्मा, संभल

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को अगड़ी पिछड़ी जातियों में खाई पैदा करने से बाज आना चाहिए। सर्व समाज हिंदुत्व के लिए अपना तन मन धन खपा रहा है। इस तरह के नए नियम आपस में खाई पैदा करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाकर सवर्ण समाज को राहत दी है।

-अनंत कुमार अग्रवाल, संभल
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पुराने नियम पहले से लागू हैं। उनका ही पालन कराना चाहिए। नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक तो लगा दी है लेकिन यह नए नियम निरस्त किए जाने चाहिए। केंद्र सरकार को सवर्ण समाज के हित में भी निर्णय लेना चाहिए। नए नियम भविष्य में दुखद परिणाम लाने वाले हैं।
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-सुविधा गुप्ता बरनवाल, संभल
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