चंदौसी(संभल)। कोतवाली क्षेत्र के फड़ियाई बाजार में विवादित मकान को लेकर चल रहे विवाद ने शनिवार को एक बार फिर तूल पकड़ लिया। एक पक्ष ने विवादित मकान में रह रहे परिवार पर मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाया है। इसको लेकर शनिवार को पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन वहां मौजूद अधिवक्ता व परिवार की महिलाओं के विरोध के चलते पुलिस लौट आई। अधिवक्ता और परिवार के लोगोंं का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
दूसरे पक्ष के प्रमोद सक्सेना निवासी कैथल गेट ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। जिसमें कहा था कि 14 मार्च को वह कुछ लोगों के साथ विवादित स्थल पर आए थे। वहां रह रहे लोगों ने उनके व साथियों के साथ मारपीट की और जान से मारने की नीयत से फायर भी किया। इस दौरान सोने की चेन और 20 हजार रुपये भी लूट लिए। शिकायत पर शनिवार की दोपहर पुलिस मौके पर पहुंची, वहां महिलाएं मिलीं। पुलिस जानकारी कर लौट गई।
मौके पर मौजूद अधिवक्ता बाबू लाल सक्सेना ने बताया कि वर्ष 2016 में राजीव कुमार अग्रवाल ने किराया बेदखली का मुकदमा न्यायालय लघु वाद न्यायाधीश सिविल जज सीनियर डिवीजन में पालेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ वाद दायर किया था। जो 2019 में एकतरफा राजीव के पक्ष में हो गया। जिसका पालेंद्र शर्मा ने रेस्टोरेशन लगाया जो खारिज हो गया। उस आदेश के खिलाफ पालेंद्र शर्मा ने जिला न्यायालय में रिवीजन दायर किया। जो रिवीजन एडीजे चंदौसी ने खारिज कर दिया। उसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिट फाइल की गई। जिसमें 23 मार्च की तारीख लगी है। पालेंद्र कुमार शर्मा के परिवार पर मारपीट और लूटपाट का आरोप झूठा है।
सीओ दीपक तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान नहीं आया है। जानकारी की जाएगी।