संवाद न्यूज एजेंसी
चंदौसी। बारिश के मौसम में लोग वायरल हेपेटाइटिस की चपेट में आ रहे हैं। इससे उन्हें भूख न लगना, थकान महसूस होना आदि समस्या हो रही है। सीएचसी में हर रोज 20 से 30 के बीच ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें हेपेटाइटिस बी और सी से मिले जुलते लक्षण चिकित्सक को दिखाई दे रहे हैं। वहीं इनकी जांच में हेपेटाइटिस बी और सी की पुष्टि नहीं हो रही है। सीएचसी की पैथोलॉजी लैब में बीते पांच दिन में हेपेटाइटिस बी और सी की 107 जांच हुई। लेकिन इनमें एक भी मरीज की पुष्टि नहीं हुई।
बारिश के बाद गंदगी फैलने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इससे लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। सीएचसी में हर रोज वायरल हेपेटाइटिस से पीड़ित 25 से 30 मरीज पहुंच रहे हैं। सीएचसी के सीएमएम डॉ. हरविंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के बाद डायरिया और टायफाइड के साथ पीलिया का खतरा बढ़ जाता है। इससे लोगों को भूख न लगना, थकान, उल्टी, बुखार आदि की समस्या हो जाती है। वहीं मरीजों में हेपेटाइटिस बी और सी से मिलते जुलते लक्षण देखने को मिल रहे हैं। लेकिन इनकी जांच में कम ही हेपेटाइटिस बी और सी की पुष्टि हो रही है। सीएमएस ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस लीवर की एक संक्रामक बीमारी है, जो विभिन्न प्रकार के वायरसों के कारण होती है। यह लीवर में सूजन और क्षति का कारण बनता है। इसके कारण पीलिया, सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचने के लिए बारिश के मौसम में साफ सफाई और खान पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बाहर के खाने से बचना चाहिए।