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Sambhal News: रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से हर दिन मरीज किए जा रहे रेफर

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संभल। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर गए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। इन जांचों के लिए रोजाना 50 से 60 मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में या तो मरीजों को रेफर किया जा रहा है या वह मजबूरन निजी जांच केंद्रों पर जांच करवा रहे हैं। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निर्मल सिंह सात अप्रैल से मेडिकल अवकाश पर हैं। एक माह बीतने के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उन्होंने अवकाश अवधि बढ़ा दी है और सोमवार को भी अस्पताल नहीं लौटे। स्वास्थ्य विभाग अब तक उनके स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका है।

स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में पिछले 37 दिनों से अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। इससे जिलेभर से आने वाले मरीजों को भटकना पड़ रहा है। निजी जांच केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 500 से 600 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
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आंकड़ों के अनुसार जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिन्हें अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है। इनमें चोटिल मरीजों और गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें जांच न होने पर वापस लौटना पड़ रहा है।

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हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती लेकिन एक्स-रे कराने मुरादाबाद जाना पड़ेगा
रेडियोलॉजिस्ट के रिक्त पद पर लंबे समय बाद तैनाती हुई थी। इससे तमाम मरीजों को लाभ मिला। अल्ट्रासाउंड के साथ एक्स-रे भी हो सके। यदि कोई हड्डी टूटा मरीज पहुंच रहा है तो उसको उपचार देने के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञ तो हैं लेकिन एक्स-रे की रिपोर्ट देने वाले वाले चिकित्सक की तैनाती नहीं है। अब मरीजों को एक्स-रे के लिए मुरादाबाद रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों के लिए असुविधा बढ़ी है।

रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल अवकाश पर हैं। उनकी सेहत ठीक नहीं है इसलिए अवकाश बढ़ा दिया है। अब पत्राचार कर वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था हो जाएगी। जिससे मरीजों को राहत मिल सके।
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डॉ.राजेंद्र सैनी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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