चंदौसी। रेलवे स्टेशन के दोनों प्लेटफॉर्म पर कोच गाइडिंग सिस्टम न होने से यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ट्रेन आने पर कोच की सही स्थिति की जानकारी न मिलने से यात्रियों को अपनी बोगी तक पहुंचने के लिए भाग दौड़ करनी पड़ती है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
चंदौसी रेलवे स्टेशन से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली, लखनऊ, देहरादून, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, टनकपुर समेत विभिन्न शहरों के लिए यात्रा करते हैं। ट्रेनों के आने के समय प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की खासी भीड़ रहती है, लेकिन कोच गाइडिंग सिस्टम नहीं होने से उन्हें अपनी बोगी की स्थिति की जानकारी पहले से नहीं मिल पाती। ट्रेन रुकते ही यात्री अपनी बोगी की तलाश में प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर भागते नजर आते हैं। पहले दोनों प्लेटफॉर्म पर कोच गाइडिंग सिस्टम होने से ट्रेन के कोचों की स्थिति आसानी से पता चल जाती थी, जिससे लोग आसानी से निर्धारित स्थान पर पहुंच जाते थे। वर्तमान में यह सुविधा नहीं होने के कारण स्लीपर, एसी और जनरल कोच खोजने में समय लगता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टेशन अधीक्षक राजू कुमार ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चंदौसी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में प्लेटफॉर्म पर कोच गाइडिंग सिस्टम लगाने की भी योजना है।