चंदौसी (संभल)। बनियाठेर थाना क्षेत्र के अजीमगंज में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले बदायूं के मजदूर की बेटी आंचल (5) और प्रिया (7) पर रविवार को कुत्तों के झुंड ने हमला कर नोच डाला। बच्चियों का शोर सुनकर पहुंचे परिजन व भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों ने बमुश्किल दोनों बहनों को कुत्तों से बचाया। परिजन दोनों को सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां पर प्रिया की हालत ज्यादा गंभीर है।
बदायूं जनपद के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव रफातपुर निवासी विजय सिंह बनियाठेर के अजीमगंज गांव के पास एक ईंट भट्ठे पर परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता है। रविवार की सुबह उसे बेटी आंचल और प्रिया भट्ठे के पास ही शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान दोनों पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। चीखने की आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे लोग दौड़कर पहुंचे और दोनों को बचाया, लेकिन तब तक कुत्तों ने दोनों बहनों को बुरी तरह नोच-नोचकर घायल कर दिया। कुत्तों ने प्रिया की गर्दन और सिर से मांस तक नोच लिया। हाथ और मुंह पर गहरे जख्म हैं। परिजन दोनों बहनों को चंदौसी सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
भट्ठे के आसपास रहता है कुत्तों का झुंड
अजीमगंज ईंट भट्ठे के समीप कुत्तों का झुंड रहता है। यह कुत्ते बच्चों पर अक्सर हमलावर रहते हैं। इस लिए बच्चे अकेले जाने से बचते हैं। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि जब बालिकाओं के चीखने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भागने का प्रयास किया। तब कुत्ते उन पर भी हमलावर हो गए। किसी तरह कुत्तों के झुंड को भगाया था। कुत्तों के आतंक से लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन इन आवारा कुत्तों को पकड़वाए।
प्रिया को चार, आंचल को दो जगह काटा कुत्तों ने
सीएचसी के चिकित्सक डॉ. विपिन सागर ने बताया कि सीएचसी में सुबह के समय दो बहन घायल अवस्था में आई थीं। इनमें से प्रिया की हालत गंभीर थी। कुत्तों ने प्रिया के सिर की खाल, गर्दन से मांस नोंच लिया। इसके अलावा हाथ व पैर में भी जख्म थे। वही आंचल के दाये कंधे के पीछे से मांस नोचा था।
छह माह में पांच बच्चों कर चुके हैं हमला
मोहम्मदगंज गांव अजीमगंज का ही हिस्सा है। यहां कुत्तों का आतंक है। बीते छह माह में आवारा कुत्ते गांव निवासी तसलीम के बेटे अस्त, तालिम की बेटी सिमरा, मोहम्मद यासिर के बेटे उजैफ, असगर के बेटे बिलाल पर हमले कर चुके हैं। इन बच्चों पर भी कुत्तों ने गर्दन, पेट, कमर पर जख्म दिए थे।
सात दिन में सीएचसी पहुंचे कुत्ता काटने के 190 केस
कुत्ते और बंदर लोगों में पर हमलावर हो रहे हैं। खासकर बच्चे अधिक इनके शिकार हो रहे हैं। चंदौसी सीएचसी में अगर बीते सात दिन का रिकार्ड देखें तो यहां 248 मरीज एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। जिनमें अकेले कुत्ते काटने के 190 मरीज थे। इनके अलावा बंदर काटने के 47 और बिल्ली के आठ, गीदड़ का एक और चूहे काटने के दो मरीज आए हैं।