जुनावई (संभल)। सीएमओ डॉ. तरन्नुम रजा रविवार को जुनावई सीएचसी में निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं मिलीं। सीएचसी में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ पर 300 रुपये से 1000 हजार रुपये तक की वसूली करने का आरोप लगाया है। सीएमओ ने मामले डीएम को रिपोर्ट देकर कार्रवाई की बात कही है।
जुनावई सीएचसी के एमओआई डाॅ. दिवाकर गुप्ता एवं प्रसव कक्ष में पैसे की मांग को लेकर भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं के धरने के बाद डीएम ने मामले में सीएमओ को जांच के निर्देश दिए थे। रविवार को सीएमओ डॉ. तरन्नुम रजा मामले की जांच के लिए सीएचसी पहुंची। सीएमओ ने आयुष्मान आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मेले में डॉ. रोहित कुमार से जानकारी की। मेले से चिकित्सक, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ अनुपस्थित मिला। मेले में केवल 18 मरीजों का उपचार किया गया। उनके नाम रजिस्टर में दर्ज नहीं थे। चिकित्सक के सीएचसी में बने आवास पर भी ताला लगा था। परिसर में जगह जगह ईंटे व गंदगी पड़ी मिली। प्रसव कक्ष में भर्ती प्रसूताओं व उनके तीमारदारों से बात की। उन्होंने सीएमओ को बताया कि प्रसूता को भर्ती करने, कागज भरने के नाम पर अवैध वसूली होती है। किसी से 300, किसी से 800, तो किसी से 1000 रुपये तक वसूली हुई। भर्ती प्रसूताओं महिलाओं के बेड पर चादर बिछी हुई नहीं थी। केवल दो कमरों में मरीजों के लिए हीटर लगे थे, वह भी जनरेटर न चलने के कारण बंद थे। मरीजों को ठंड से बचाव के लिए केवल एक-एक ही कंबल दिया था। इसको लेकर सीएमओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने मामले में कार्रवाई की बात कही है।
डीएम के आदेश पर सीएचसी जुनावई की जांच की गई। वहां चिकित्सक अनुपस्थित थे। प्रसूताओं के तीमारदारों ने 300 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक वसूली का आरोप लगाया है। सीएचसी में गंदगी थी। मरीजों को ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे। मामले की रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी तथा कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. तरन्नुम रजा, सीएमओ संभल।