क्षेत्र के भागनगर से लेकर मानकपुर की सीमा तक प्राचीन छोइयां नदी की भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। जिससे नदी भी अपना अस्तित्व को खो चुकी थी। इसे डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने गंभीरता से लिया और नदी से अवैध कब्जा हटवाकर उसे पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद लोगों में नदी के पुनर्जीवित होने की उम्मीद जगी।
डीएम के आदेश के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने छोइयां नदी का जायजा लिया। भागनगर से नदी का चिह्निकरण कर उसे कब्जा मुक्त कराकर उसकी खोदाई शुरू कराई। रविवार को राजस्व विभाग के लेखपाल ग्राम प्रधान और किसानों के साथ पहुंचे। उन्होंने भागनगर से मानकपुर की सीमा तक नदी की भूमि की पैमाइश कर उसे कब्जा मुक्त कराया। राजस्व विभाग ने अब तक करीब एक हजार मीटर नदी को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। राजस्व विभाग अब आगे नदी की भूमि का चिह्निकरण कर उसे भी कब्जा मुक्त कराने के प्रयास में जुटी हुआ है। इस दौरान लेखपाल वीरेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान ओमकार सिंह, गुड्डू, रोजगार सेवक प्रेम सिंह के साथ नंदराम आदि किसान मौजूद रहे।