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Sambhal News: फर्जीवाड़ा कर बीमे की रकम हड़पने में एक और गिरफ्तार

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धनारी । थाना पुलिस ने फर्जी बीमा पॉलिसी कर रकम हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक और वांछित आरोपी सत्यप्रकाश निवासी गांव कल्हा थाना धनारी को शनिवार की सुबह पौने 11 बजे पीपलवाड़ा तिराहा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। थाना क्षेत्र के गांव धनारी स्टेशन की रहने वाली उर्मिला पत्नी स्व. प्रेमपाल ने 24 फरवरी को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें पीड़िता ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उसके पति प्रेमपाल की टीबी की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी तो वादिनी के घर पर अनेकपाल पुत्र हरप्रसाद निवासी ग्राम बायभूड थाना धनारी व दो-तीन अज्ञात व्यक्ति आए थे। उन लोगों ने सरकारी सरकारी योजना के अंतर्गत सहायता राशि दिलवाने की बात कही थी और उससे मृतक पति का आधार कार्ड, बैंक पास बुक, मृत्यु प्रमाणपत्र तथा पीड़िता का आधार कार्ड, फोटो लेकर चले गए थे। इसके बाद उसे बैंक में ले जाकर कई कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। इसके बाद ना तो कोई सहायता राशि मिली और ना ही उसे कागज वापस किए।
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बाद में पता चला कि इन लोगो ने अन्य लोगो से भी सरकारी योजना का लाभ दिलवाने के लिए कागज ले रखे हैं और बीमा करा कर उनका पैसा धोखाधड़ी कर हड़प लिया है। उसके पति का भी बीमा करके इन लोगो ने बीमा का सारा पैसा हड़प लिया है।
इस मामले में पुलिस ने सत्यप्रकाश पुत्र रामप्रसाद, प्रेमपाल पुत्र लाल सिंह निवासी ग्राम कल्हा, अनेकपाल पुत्र रामप्रसाद निवासी ग्राम बायभूड़ व संजू उर्फ रूपकिशोर पुत्र उदयवीर निवासी ग्राम धनारी स्टेशन थाना धनारी के खिलाफ धोखाधड़ी आदि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
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पुलिस प्रेमपाल, अनेकपाल और संजू उर्फ रूपकिशोर को पिछले माह गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि सत्यप्रकाश फरार चल रहा था। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि वांछित सत्यप्रकाश को शनिवार की सुबह पौने 11 बजे करीब पीपलवाला तिराहा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।

आरोपी का कबूलनामा
पकडे़ गए आरोपी सतश्प्रकाश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अपने भाई अनेकपाल व प्रेमपाल व संजू उर्फ रूप किशोर के साथ मिल कर आसपास के गांव में यह पता करते हैं कि कौन व्यक्ति गंभीर बीमारी से ग्रसित है। इसके बाद उस व्यक्ति का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का खाता किसी भी बैंक में खुलवाते हैं तथा उस की सालाना किस्त स्वयं जमा करते हैं। उनके कागजात जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक अपने पास ही रख लेते हैं और जब क्लेम का पैसा आता है तो उसे निकालकर आपस में बांट लेते हैं। नॉमिनी को इस बारे में कोई जानकारी नहीं हो पाती है।
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गिरोह के सदस्य ही करते हैं नॉमिनी के खाते का संचालन
पुलिस की पूछताछ में आरोपी सत्यपाल ने बताया कि नॉमिनी का जो खाता खुलवाया जाता है। उन खातों का संचालन गिरोह के सदस्यों द्वारा ही किया जाता है। खातों के डेबिट कार्ड इन्हीं के पास रहते हैं व खातों में मोबाइल नंबर भी आरापी अपना डलवाते हैं। मृत्यु के बाद पैसा खातों में आता है। उसमें से कुछ हिस्सा यह लोग परिवार को दे देते हैं तथा पॉलिसी का शेष पूरा पैसा अभियुक्त प्रेमपाल अपने खाते में प्राप्त करता है। प्रेमपाल ही सभी को उनके खातों में बराबर पैसा बांटता है। सत्यप्रकाश के खाते में एक लाख 15 हजार रुपये हिस्से के आए थे।

फर्जी बीमा पॉलिसी कर रकम हड़पने के मामले में धनारी पुलिस ने अंतराज्यीय गिरोह के सदस्य एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। जबकि इस मामले में तीन अभियुक्त पहले गिरफ्तार कर जेल भेज जा चुके हैं।
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अनुकृति शर्मा, एएसपी दक्षिणी, संभल
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