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बांटे गए पर्चे, दूसरे समुदाय की दुकानों का करो बाॅयकाट

Wed, 05 Apr 2017 12:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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फेसबुक मैसेंजर - फोटो : androidauthority
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जहां एक ओर विभिन्न राजनीतिक लोगों के साथ तमाम सामाजिक संगठनों के लोग शहर में अमन कायम रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं, पथ संचलन का स्वागत कर दूसरे समुदाय के लोग सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्व शहर में कथिततौर पर दूसरे समुदाय की दुकानों का बाॅयकाट करने के पर्चे बांटकर शहर की फिजा को खराब करने के प्रयास में लगे हुए है।
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मंगलवार को विशेष समुदाय के कुछ लोगों की ओर से शहर में इस तरह के पर्चे बांटे गए। इसमें लिखा हैं कि दूसरे समुदाय के लोगों की दुुकानों से सामान खरीदना बंद करो। यह पर्चे लोगों को तो बांटे ही गए हैं साथ ही कुछ फेक प्रोफाइल से सोशल मीडिया पर भी विभिन्न ग्रुपों और लोगों को भेजे गए।    

हम दोनों पक्षों के लोगों से बात करेंगे और समझाएंगे कि मिलजुलकर आपस में प्रेम से रहें। यदि किसी को कोई दिक्कत है तो वह पुलिस - प्रशासन से मदद ले सकता है। लेकिन इस तरह की बातें किसी समस्या का समाधान नहीं हैं और ये आपसी सौहार्द को चोट पहुंचाती हैं। लोगों को बडे़ दिल से समाज के हित में सोचना चाहिए। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए है और संभल पुलिस को इस मुद्दे पर संजीदगी व संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। -  ओंकार सिंह, डीआईजी।
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यह पर्चे किससे द्वारा बांटे गए है। इस मामले की जांच कराई जा रही है लेकिन मैं लोगों से अपील करता हूं कि सभी लोग शांति बनाए रखें और हमेशा की तरह सौहार्द पूवर्क एक दूसरे से मिलकर रहे। जिससे शहर की फिजा खराब न हो। बालेंदु भूषण, एसपी संभल।

न्यूज चैनल पर भड़के उलमा, कार्रवाई की मांग
संभल। दीपा सराय में हुए बवाल में एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट पर बिफरे उलमा ने एसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि, रिपोर्ट में मुस्लिम समाज के लोगों की कश्मीरी पत्थर बाजों से तुलना की गई है जो निंदनीय है। साथ ही निर्दोष लोगों को परेशान न करने की भी मांग की। 

संभल के उलमा मंगलवार को एसपी से मिलने के लिए बहजोई पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसपी को सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि एक न्यूज चैनल की ओर से मुस्लिम समाज के लोगों की तुलना कश्मीर के पत्थर बाजों से की गई है, जो कानूनों का उल्लंघन भी है। इससे मुस्लिम समाज के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

इसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने चैनल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दबिश के दौरान एक घर में घुसकर मुसलमानों की पवित्र पुस्तक की बेहुरमती की थी। उन्होंने ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया कि, प्रशासन पर दबाव बनाकर एक विशेष वर्ग की गलत तस्वीर पेश की जा रही है।
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उन्होंने असमाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। मुफ्ती शहर संभल कारी अलाउद्दीन, मौलाना नफीस अख्तर, मौलाना फाजिल मिस्बाही रहे।
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