संभल। पोषाहार वितरण में घपलेबाजी की शिकायतें आए दिन सामने आईं। इसके बाद निर्णय हुआ कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब स्वयं सहायता समूह भी पोषाहार वितरण कराएंगे। इससे जहां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक मदद हो जाएगी और वहीं दूसरी ओर वितरण की घपलेबाजी भी थम जाएगी। अब यही स्वयं सहायता समूह पोषाहार वितरण न होने की वजह बन रहे हैं। असमोली ब्लॉक के 17 गांवों में पोषाहार का वितरण नहीं हुआ।
जबकि पहली और दूसरी दिसंबर को पोषाहार का वितरण किया जाना निर्धारित था, लेकिन यह स्वयं सहायता समूह सीडीपीओ कार्यालय ही नहीं पहुंचे और स्टोर से पोषाहार नहीं उठाया गया। इसका खामियाजा उन बच्चों और गर्भवती महिलाओं को उठाना पड़ा, जिन्हें ये पोषाहार मिलना था। सीडीपीओ का दावा है कि वह इस बारे में एसडीओ एसआईबी को अवगत करा चुकी हैं। स्वयं सहायता समूह के द्वारा पोषाहार न उठाने के चलते स्टोर भी खाली नहीं हुआ है। जबकि शुक्रवार को पोषाहार की दूसरी गाड़ी आ रही है। जो स्टोर में पोषाहार उतार कर जाएगी। 30 नवंबर तक स्टोर खाली कराने का निर्देश जिलाधिकारी ने भी दिए था।
दरअसल केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चना दाल, सरसो का तेल, दूध, गेहूं और चावल वितरण करने को पहुंचता है। इस महीने असमोली ब्लॉक के गांव नेकपुर, डाकशहीद और शकरपुर सोत के स्वयं सहायता समूहों ने पोषाहार का उठान नहीं किया है। इसलिए इन तीन स्वंय सहायता समूहों से जुड़े 17 गांवों में पोषाहार का वितरण नहीं हो पाया है।
स्वयं सहायता समूह पोषाहार लेने के लिए स्टोर नहीं आए। इसलिए 17 गांवों में पोषाहार का वितरण नहीं हुआ है। इसकी जानकारी एसडीओ एसआईबी को दे दी गई है। स्टोर गुरुवार को ही खाली कराना था क्योंकि शुक्रवार को पोषाहार की दूसरी गाड़ी आ रही है। पोषाहार स्टोर से न उठने पर हमें भी समस्या है।
नीता सैनी, सीडीपीओ, असमोली