औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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हाफिजपुर गांव में सांप्रदायिक तनाव बरकरार है, लोग सहमे हुए हैं। जरूरी कामकाज के लिए के भी लोग नजर नहीं आ रहे हैं। उन्हें पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय सता रहा है। इसीलिए शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के मात्र चार लोग ही नमाज अदा करने के लिए पहुंचे।
जबकि जुमा होने की वजह से पुलिस प्रशासन एहतियाती तौर पर सतर्क था। नमाज में अधिक लोगों के जुटने की संभावना थी। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजार किए थे। सीओ खुद पुलिस बल के साथ मौजूद थे। उन्होंने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट मार्च किया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव हाफिजपुर में 25 फरवरी को डीजे के साथ कांवड़ निकालने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। ऐसे में तीन जनपदों के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच डीजे बंद कराकर कांवड़ जुलूस निकलवाया।
इसके बाद पुलिस ने दोनों तरफ से 23 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी, तभी से गांव में तनाव पूर्ण शांति बनी हुई है और लोग पुलिस के डर से गांव छोड़कर खेतों में रहने के लिए मजबूर हैं। वहीं गांव में पुलिस फोर्स भी तैनात है।
शुक्रवार को नमाज होने के चलते कोतवाली, नखासा पुलिस के साथ सीओ बीपी सिंह बालियान भी मौके पर पहुंच गए थे लेकिन लोग पुलिस इतने सहमे हुए है कि वह नमाज अदा करने के लिए भी नहीं पहुंचे।
मात्र चार लोगों ने और कुछ बच्चों ने गांव में नमाज अदा की। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सीओ ने पुलिस बल के साथ गांव में मार्च किया। सीओ ने बताया कि गांव शांति है। फिलहाल पुलिस फोर्स तैनात रहेगी।