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बैकफुट पर प्रशासन, किसान नेताओं के नाम जारी सभी नोटिस किए निरस्त
किसान नेताओं को 50 लाख और पांच लाख रुपये के निजी मुचलकों पर पाबंद किए जाने को जारी किए थे नोटिस
50-50 लाख के नोटिस निरस्त करने के बाद पांच-पांच लाख के नोटिस भी किए निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो
संभल। किसान संगठनों के आक्रोश के बाद प्रशासन ने 50-50 लाख रुपये के निजी मुचलकों के लिए जारी नोटिस निरस्त कर दिए थे। अब पांच-पांच लाख रुपये के मुचलकों वाले आठ नोटिस भी निरस्त किए गए हैं। नोटिस का मामला सामने आने के बाद किसान नेताओं ने साफ कह दिया था कि आंदोलन उनका संवैधानिक हक है। इसको लेकर जारी किए गए नोटिस का वे जवाब दाखिल नहीं करेंगे और न मुचलका भरेंगे और न जमानत कराएंगे।
किसान नेताओं के नाम जारी सभी 14 नोटिस प्रशासन ने निरस्त कर दिए हैं। शांतिभंग के अंदेशे में पुलिस ने किसान छह नेताओं को 50-50 लाख रुपये के निजी मुचलकों से पाबंद करने की संस्तुति की थी। वहीं आठ नेताओं को 5-5 लाख के निजी मुचलकों से पाबंद करने की संस्तुति की गई थी। भाकियू के विभिन्न गुटों और किसान संगठनों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद प्रशासन ने अपने कदम पीछे खींच लिए। जिस पुुलिस ने किसान नेताओं से शांतिभंग का अंदेशा व्यक्त किया था उसी पुलिस ने यह रिपोर्ट दी कि इन किसान नेताओं पर अतीत में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है और न ही इन लोगों के द्वारा कभी शांतिभंग की गई है।
पुलिस की इसी आख्या को आधार बनाकर उप जिलाधिकारी ने किसान नेताओं के नाम जारी नोटिस निरस्त कर दिए। भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह का कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने आंदोलन को किसान का संवैधानिक हक करार दिया है तो फिर प्रशासन आंदोलन में भाग लेने वालों के नाम नोटिस क्यों जारी कर रहा है। यह सवाल राष्ट्रीय स्तर पर उनके द्वारा उठाया गया। इसके बाद ही नोटिस निरस्त किए गए हैं। उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने सोमवार को सभी नोटिस निरस्त किए जाने की पुष्टि की है। उप जिलाधिकारी का दावा है कि जिस दिन 50-50 लाख रुपये के नोटिस निरस्त किए गए थे उसी दिन पांच-पांच लाख रुपये वाले नोटिस भी निरस्त किए गए।
इन नेताओं के नाम जारी नोटिस हुए निरस्त
भाकियू असली के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, युवा नेता ऋषभ चौधरी, भाकियू टिकैत के पदाधिकारी कासमपुर निवासी महीदेव सिंह, भवानीपुर निवासी सुमित तेवतिया, यारपुर उर्फ रामपुर के रामवीर त्यागी किसान नेता बड़ा ताजुद्दीन निवासी राजवीर सिंह, भाकियू असली के मंडल महामंत्री संजीव गांधी और भदरौला निवासी भाकियू नेता अर्जुन सिंह को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके से पाबंद करने का नोटिस दिया गया था। सभी नोटिस निरस्त किए गए हैं।