कर्ज की किस्त टूट गई है और माइक्रोफाइनेंसिंग कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधि तगादा कर रहे हैं। बार बार तगादा किए जाने से महिलाएं परेशान हैं। वे मंगलवार को आक्रोशित होकर नई तहसील और एडीएम कार्यालय पहुंच गई। वहां से महिलाओं को हयातनगर थाने भेजा गया।
सरायतरीन की महिलाओं ने बताया कि माइक्रोफाइनेंसिंग कंपनियों ने समूह बनाए थे। समूहों के माध्यम से बचत की राशि जमा हुई और जरूरत पर कर्ज भी दिया गया। अब जब से नोटबंदी हुई है उनके पति तथा बच्चों को काम कम मिल पा रहा है। घरेलू खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में कर्ज की किस्त कहां से अदा करें। मुश्किल तब होती है जब सुबह शाम दोनों टाइम तगादा हो। कंपनी के कर्मचारी तगादा करते अपमानित करते हैं। महिलाओँ ने कहा कि कंपनियों की ब्याज दर बैंक से ज्यादा है और वसूली का तरीका खराब है।
इस मामले में प्रशासन हस्तक्षेप कर राहत दिलाए। हयातनगर थाने से कार्यवाहक थानाध्यक्ष पंकज यादव ने बताया कि महिलाएं उनसे नहीं मिलीं हैं अगर कोई शिकायत आती है तो जांच होगी।