संभल। पीलिया प्रभावित भैंसोड़ा गांव में जल निगम के अभियंता अभी तक पेयजल के नमूनों की जांच करने के लिए नहीं पहुंचे जबकि गांव के बीस लोग पीलिया पीड़ित हैं। पेट संबंधी दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोग इससे कहीं अधिक हैं। गांव के हैंडपंप जो पानी दे रहे हैं वह किसी बर्तन में लोग रखते हैं तो घंटे दो घंटे में पीला हो जाता है। सीएमओ और खंड विकास अधिकारी ने पानी की टेस्टिंग की जिम्मेदारी जल निगम पर डाली है। वहीं जल निगम के अभियंता अभी चेत नहीं रहे हैं जिससे लोग प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं।
असमोली की खंड विकास अधिकारी ने पीलिया प्रभावित भैंसोड़ा गांव के पेयजल की टेस्टिंग के लिए जल निगम को लिखा था पर जल निगम का कोई अभियंता या कर्मचारी बुधवार तक गांव नहीं पहुंचा। इस बीच लोग प्रदूषित पानी पी रहे हैं। पीलिया पीड़ित लोग मेरठ में उपचार करा रहे हैं। सीएमओ ने चार अक्टूबर को ही कहा था कि वे जल निगम से पानी की टेस्टिंग कराएंगी। खंड विकास अधिकारी ने 6 अक्टूबर को बताया था कि जल निगम के अभियंताओं से उन्होंने पानी की टेस्टिंग का आग्रह किया है और पत्र भेजा है। ग्रामीणों की ओर से अब सवाल यह उठाया गया है कि पानी की टेस्टिंग और साफ पानी के इंतजाम में इतनी देरी क्यों की जा रही है।