संभल। गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के दूसरे दिन भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पुलिस अभी तक तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि मृतकों के परिजन भी हादसे में घायल हुए थे। उनका उपचार दिल्ली में चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर जिला प्रशासन ने इस मामले में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को पत्राचार किया है। यह कदम एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा मानकों को पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मालूम हो कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव अझरा के निकट गंगा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की सुबह दिल्ली निवासी डॉ. अरविंद कुमार (52) और उनकी बेटी यामिनी (30) की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसमें छह लोग घायल हुए हैं। उनका उपचार चल रहा है।
दिल्ली के हरीनगर पश्चिम निवासी डॉ. अरविंद कुमार चंदौसी के नजदीक गांव चंदोई में निजी अस्पताल का संचालन करते थे। वह मंगलवार को अपनी पत्नी मोना, बेटी यामिनी, दूसरी बेटी प्रिया और डेढ़ वर्ष की नातिन प्रियदर्शनी के साथ दिल्ली लौट रहे थे। उनकी पोलो कार चंदौसी लहरावन से गलत दिशा में एक्सप्रेसवे पर चढ़ गई थी। लहरावन से करीब सात किलोमीटर आगे जाकर यह हादसा हो गया। जिसमें बाप-बेटी की जान चली गई।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी
कार्यदायी संस्था द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। जिला प्रशासन ने इसी कारण संस्था के अधिकारियों से संपर्क साधा है। पत्राचार के माध्यम से उन्हें जल्द से जल्द सभी अधूरे कार्य पूरे करने को कहा गया है। रैलिंग, संकेतक और लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इन सुविधाओं के अभाव में भविष्य में ऐसे और हादसे होने की आशंका बनी हुई है। इनको पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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गंगा एक्सप्रेसवे पर एक ही सफर का दो बार काट लिया गया टोल
बहजोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर एक ही सफर करने के टोल शुल्क के रूप में दो बार रुपये काट लिए गए। एक बार निर्धारित दर से अधिक रुपये काटे गए हैं। बहजोई के मोहल्ला गोलागंज निवासी सौरभ जैन ने बताया कि उनसे दो बार रुपये काट लिए गए हैं और वह भी निर्धारित दर से अधिक रुपये कटे हैं। बताया कि वह बहजोई के इंटरचेंज लहरावन से गंगा एक्सप्रेसवे पर होकर दिल्ली के लिए गए थे। वापसी में दिल्ली से लौटते समय सिंभावली के इंटरचेंज से चढ़कर गंगा एक्सप्रेसवे पर बहजोई में लहरावन पर उतर गए। बावजूद इसके, जब उनके मोबाइल नंबर पर टोल शुल्क कटने का मौसेज आया, तब जानकारी हुई कि एक ही सफर करने का दो बार टोल शुल्क कट गया। पहला टोल शुल्क मेरठ से लहरावन तक का 400 रुपये का कटा, जो कि 310 रुपये का है। इसमें उनसे 90 रुपये टोल शुल्क अधिक काट लिया गया। वहीं, इसी सफर का दूसरा टोल शुल्क सिंभावली से चंदोई का 345 रुपये काटा गया, जबकि वह लहरावन के इंटरचेंज पर ही उतर गए और लहरावन से चंदोई करीब 10 किलोमीटर आगे है।