असमोली थाना क्षेत्र के गांव रतूपुरा में एक महीने से बुखार का प्रकोप चल रहा है। इस गांव के निवढासी बाबू खां की 10 वर्षीय बेटी हिना को सात दिन पहले बुखार आया था। इसके बाद हिना का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असमोली में उपचार कराया। लाभ न होने पर परिजनों ने हिना का गांव के ही झोलाझाप डॉक्टर को दिखाया। शुक्रवार को हिना की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। ऐसे में परिजन हिना को अमरोहा के सरकारी असप्पताल में लेकर गए, लेकिन वहां पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। शनिवार को सुबह चार बजे हिना की बुखार से मौत हो गई। बताया जाता हिना की मां शहना सहित 50 से अधिक ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। उनका निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
20 दिन पहले तहेरे भाई की हो चुकी है मौत
संभल। गांव में बुखार से लोग एक माह से तप रहे हैं। 20 दिन पहले हिना के तहेरा भाई फुरकान (15वर्ष) की भी बुखार से मौत हो चुकी है। उस समय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर शिविर लगाया था। मरीजों की जांच कर उन्हें दवाई वितरित की थी, लेकिन उसके बाद टीम ने गांव में जाकर मरीजों का कोई हाल-चाल नहीं लिया। जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
बुखार से पंजाब में हुई महिला की मौत
संभल। संभल की बेटी गजाला की पंजाब में बुखार से मौत हुई है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवादल की अतिरिक्त महिला मुख्य संगठक राजेश्वरी त्यागी ने दी। उन्होंने बताया कि संभल निवासी कांग्रेस के दिवंगत नेता अजहर खां की बेटी गजाला का ब्याह पंजाब में हुआ था। पंजाब में बुखार आने से उसकी मौत हुई है। उसकी मौत पर कांग्रेसियों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।
अब तक इन गांवों में हुईं मौतें
चंदौसी क्षेत्र के नुरुद्दीनपुरगंज, चंदौसी के हाथीखाना, औरंगपुर सिलैटा, मकूपुरा नरौली, बजरिया नरौली, भाटौर, खेड़ाखास, सरथल, बंजारी कुआं नरौली, बेहटा साहू, सरायतसिकंदर में एक माह के भीतर कुल 24 मौतें बुखार से हुईं है। संभल क्षेत्र में चपतियों की मढ़ैया, मुजफ्फरपुर, मोहम्मदपुर मालिनी, मखदूमपुर, धीमरखेड़ी, मिलक मिठौली, सिरसी में 21 से मौतें हो चुकी हैं।