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जिंदगी के लिए 17 दिन तक जंग लड़ने के बाद मासूम ने दम तोड़ा

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संभल। संभल का एक नवजात कोरोना संक्रमित अपनी जिंदगी के लिए 17 दिनों तक अस्पतालों में जूझता रहा। उसके माता-पिता और परिजनों ने उसकी जिंदगी के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। भरपूर इलाज भी कराया। उसके इलाज पर करीब दस लाख रुपये खर्च किए गए लेकिन अफसोस की बात यह कि मासूम की जिंदगी न बच सकी। मासूम ने शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे मुरादाबाद के टीएमयू में दम तोड़ दिया। उसकी जिंदगी वेंटिलेटर पर चल रही थी।
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मासूम के पिता ने बताया कि बेटे के जन्म संभल के बरेली सराय स्थित एक निजी नर्सिग होम में 20 मई को हुआ था। बेटे को सांस लेने में तकलीफ थी। उसकी हालत नहीं सुधरी तो उसे संभल के ही एक दूसरे नर्सिंग में पांच दिन तक भर्ती रखा गया इसके बाद भी जब वह ठीक न हुआ तो परिजन उसे मुरादाबाद के एक बड़े नर्सिंग होम में ले गए। यहां उपचार चलता रहा। इसके बाद 3 जून को डाक्टरों ने दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। दिल्ली के कई अस्पतालों में भटके तब कहीं जाकर अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इको होने पर पता लगा कि बच्चे के दिल की नसें ब्लॉक हैं और इसके लिए आपरेशन होगा।
आपरेशन के लिए ब्लड का इंतजाम कर लिया। आठ-दस लाख रुपये का खर्च बताया। उसका भी इंतजाम कर लिया लेकिन डाक्टरों ने कह दिया कि पहले कोरोना की जांच होगी। तीन घंटे में कोरोना की जांच हुई तो नतीजा पॉजिटिव आया। इसके बाद आपरेशन में देरी होती रही। इसलिए वह बच्चे को लेकर मुरादाबाद स्थित टीएमयू आए। टीएमयू में बच्चे में बच्चे के पास नाना को छोड़कर शुक्रवार को उसके पिता संभल आ गए।
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संभल में उन्होंने खुद को क्वारंटीन कराया। उनकी कोरोनो की जांच हुई है। जिसकी रिपोर्ट आनी है। वहीं बच्चे की मां अपने घर पर है। उनकी कोरोना जांच अभी नहीं हुई है। इस बीच शनिवार को बच्चे के मौत की खबर पिता को मिली तो उसकी आंखों में आंसू आ गए। पिता का कहना था कि जिस मासूम की जान बचाने के लिए वह दिल्ली तक दौड़े उसके अंतिम दर्शन भी नहीं कर पा रहे हैं। अब अंतिम संस्कार के लिए उन्होंने बच्चे के नाना को ही अधिकृत किया है।
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17 दिन का मासूम कोरोना संक्रमित पाया गया। उसकी मौत की सूचना मुरादाबाद के टीएमयू से जब मिली तो तत्काल मैंने संभल से शव वाहन को मुरादाबाद भेजा और एक चिकित्साधिकारी की ड्यूटी लगाई। कोरोना से बचाव के सभी उपाय अपनाते हुए मासूम का अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
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डा. अमिता सिंह, सीएमओ, संभल।
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