फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal News: मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज, नहीं रुकेगा बुल्डोजर एक्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। उच्च न्यायालय, प्रयागराज ने संभल तहसील क्षेत्र के गांव राया बुजुर्ग में तालाब और सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, ध्वस्तीकरण आदेेश के खिलाफ निचली अदालत में अपील करने की छूट दी गई है। मालूम हो कि मस्जिद कमेटी ने जमीन के दस्तावेज पेश किए थे। इसके आधार पर मस्जिद, बरात घर के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की थी।दरअसल, गांव राया बुजुर्ग में तालाब की जमीन पर बने मैरिज हॉल और मस्जिद के ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में मस्जिद कमेटी ने तत्काल सुनवाई की मांग के साथ याचिका दाखिल की थी। मामले में शुक्रवार की दोपहर सुनवाई तो हुई लेकिन कोर्ट ने कोई अंतरिम राहत नहीं दी। वहीं, गांव में शनिवार को मस्जिद को तोड़ने का काम नहीं किया गया। क्योंकि मस्जिद कमेटी की ओर से प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और उसमें सुनवाई होनी थी, लेकिन बाद में न्यायालय की ओर से याचिका को खारिज कर दिया गया।
विज्ञापन

सीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि शनिवार को मस्जिद में किसी प्रकार की कोई तोड़फोड़ का कार्य नहीं किया गया। वहीं, गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।
000000
यह था मामला

मालूम हो कि क्षेत्र के गांव राया बुजुर्ग में खाद के गड्ढों की सरकारी भूमि पर कई वर्ष पहले मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था। जहां बाद में राजस्व विभाग की ओर से 20 जून को लेखपाल ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट पर प्रक्रिया शुरू करते हुए तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर किया गया, जिसमें सुनवाई के बाद दो सितंबर को बेदखली के आदेश जारी किए गए। इस पर प्रशासन की ओर से तहसीलदार द्वारा 13 सितंबर को गांव में जाकर नोटिस जारी किए गए और एक सप्ताह का समय दिया गया था। वहीं, अतिक्रमण को चिह्नित कर लाल रंग से निशान भी लगवाए थे। मगर इसके बाद भी अतिक्रमण को नहीं हटवाया गया था। बृहस्पतिवार को इसी आदेश का पालन कराने के लिए डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी केके विश्नोई ने भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे और वहां तालाब की भूमि पर बने बरात घर व खाद के गड्ढे की भूमि पर बनी मस्जिद को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। बरात घर को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। जबकि मस्जिद कमेटी ने चार दिन का समय अधिकारियोंं से लेते हुए स्वयं ही तोड़ने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें