कोटगर्बी मोहल्ले में गुरुवार को पैगंबर साहब के मुए मुबारक व कदम-ए-मुबारक की ज्यारत कराई गई। अकीदतमंदों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। बाबा जिंदा शाह औलिया के वंशजों ने तबर्रुकात की ज्यारत करवानी शुरू की।
जानकारी दी गई कि एक बार बादशाह औरंगजेब अपने महल में बड़े बुलंद आवाज से कलाम-ए-पाक की तिलावत कर रहे थे। बाबा जिंदा शाह औलिया उस बादशाह के महल के पास से गुजर रहे थे। बाबा ने बादशाह बादशाह से कहा ए-बादशाह तुम्हारी कलाम-ए-पाक की तिलावत में कमी है।
उन्होंने बादशाह को तरीका बताया। बाबा जिंदा शाह औलिया की काबलियत से बादशाह खुश हुए और कहा कि बाबा मांगों, क्या मांगते हो। बाबा ने शाह औलिया से पैगबंर साहब का मुए मुबारक और कदम-ए- मुबारक मांग लिया।
संभल में मुए मुबारक और कदम ए मुबारक आज भी है। बाबा जिंदा शाह औलिया का मजार संभल के ईदगाह में आज भी मौजूद है। मौलाना कलीम अशरफ ने कौम व मुल्क की तरक्की के लिए दुआ करवाई।
पालिकाध्यक्ष कौसर अहमद, युवा नेता सुहेल इकबाल, मेंबर शकील, हाजी आजम कुरैशी, सईद अख्तर इस्राइली, बोबी मियां, अफरोज अंसारी, फिरोज अंसारी, डा. हारुन, परवेज आलम, बिट्टू वारसी, वसीम अफरोज, सैफुल इस्लाम, रफत, शाहनवाज अंसारी, अदनान, हमजा, हाजी शरीफ, नासिर, शाकिर, शकील अंसारी, हसन, आमिर, फैज आदि रहे।