चंदौसी। न्यायालय ने हत्या के आरोपी जयकिशन सैनी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया है। बहजोई पुलिस ने करीब 15 साल पहले जयकिशन को हत्या में दोषी बनाया था। जबकि दूसरे आरोपी ब्रजपाल की मुकदमे के सुनवाई के समय मौत हो चुकी है।
बहजोई थाना क्षेत्र के बिसारू गांव के मदन पाल ने बताया कि 15 मई 2009 की शाम को उसका सगा भाई शंकर अपने ट्यूबवैल पर खेतों की सिंचाई करने के लिए घर से गया। वादी सुबह अपने दो पड़ोसियों के साथ ट्यूबवैल पर गया। तो देखा कि शंकर ट्यूबवैल पर नहीं था। उसे आवाज दी तो वह खेतों में घायल अवस्था में मिला। भाई ने बताया कि एक ग्रामीण ने तीन लोगों के साथ मिलकर चाकू से हमला किया है। अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। जिसकी रिपोर्ट 16 मई को बहजोई थाने में दर्ज की गई। पुलिस की जांच में मृतक का सगा भाई ब्रजपाल और जयकिशन सैनी का नाम हत्या में सामने आया। नामजद लोगों के नाम मुकदमें से बाहर हो गए थे। पुलिस ने खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के समय में ब्रजपाल की मृत्यु हो गई। न्यायालय में जयकिशन सैनी के खिलाफ करीब 15 साल तक मुकदमा चला। शुक्रवार को जिला जज कमलेश कच्छल ने मुकदमे की अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी जयकिशन सैनी का संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।