सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि अफगानिस्तान से जुड़े किसी मुद्दे पर जब हमारे दादा मरहूम पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के कुछ कह दिया था तो भाजपा सरकार को बुरा लगा था। और रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। अब सवाल मेरा है कि जिन लोगों को मेरे दादा के अल्फाज बुरे लगे थे वही अब स्वागत करने में लगे हैं।
हमारे दादा ने तालिबान के लिए कुछ अल्फाज कहे थे तो भाजपा सरकार ने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जब मेरे दादा ने कुछ कह दिया था तो रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन अब वही लोग तालिबान के विदेश मंत्री का स्वागत कर रहे हैं। यह बात संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कही है।
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शनिवार को अपने दीपा सराय स्थित आवास पर सांसद ने मीडिया से बातचीत की। सांसद ने कहा कि हम तालिबान के विदेश मंत्री का अपने देश में स्वागत करते हैं। अफगानिस्तान से भारत के रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं, लेकिन अफगानिस्तान से जुड़े किसी मुद्दे पर जब हमारे दादा मरहूम पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के कुछ कह दिया था तो भाजपा सरकार को बुरा लगा था। और रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। अब सवाल मेरा है कि जिन लोगों को मेरे दादा के अल्फाज बुरे लगे थे वही अब स्वागत करने में लगे हैं। मालूम हो अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत दौरे पर हैं और शनिवार को देवबंद मदरसे में पहुंचे थे।