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Sambhal News: अली-डे पर सजीं मस्जिदें, केक काटकर मनाई खुशी

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संभल के मंडी किशनदास सराय में अली डे के मौके पर जुलूस निकालते लोग। संवाद - फोटो : samvad
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सिरसी। हजरत अली का जन्मदिन अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। मस्जिदों और इमाम बारगाहों में महफिल हुई। मस्जिदों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। इमाम बारगाह मोहल्ला गर्बी में मौला अली के जन्मदिन पर केक काटकर खुशी मनाई गई।
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इमाम बारगाह इमाम रजा में भी महफिल हुई। मौलाना काजी हुसैन रजा ने कहा कि तेरह रजब को हजरत अली की पैदाइश काबे के अंदर हुई थी। कहा कि हमें हजरत अली की दी गई शिक्षा पर अमल करना चाहिए। मौलाना एहतेशाम अली, मीसम अब्बास, इकरार रजा, शमीम, असगर जाफरी, समर अब्बास, मोहम्मद अब्बास, महजर अली, हैदर अब्बास, फिरोज आदि रहे।
मस्जिद मोहल्ला शर्की सादात में जश्ने मोलूदा-ए-हरम के अंतर्गत महफिल हुई। इसमें हदीसे किसा की तिलावत शरफ ने की, जबकि निजामत फेहमरान सिरसवी ने की। जफर नसीराबादी ने कलाम पढ़ते हुए कहा कि आग भड़का के जहन्नुम की खुदा बोलेगा, आ गए जहरा का दरवाजा जलाने वाले। इनके अलावा शमीम, सबा सिरसवी, शाने हैदर, अरशद अब्बास, काशिफ रजा, जरीफ हसनैन, दानिश, अजीम असगर, मेहंदी आदि शायरों ने भी कलाम पेश किए।
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जामा मस्जिद में सजाई गई महफिल

संभल। नूरियो सराय स्थित जामा मस्जिद में अली डे पर मौलाना एतेशाम नकवी की अध्यक्षता में महफिल सजाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान-ए-पाक की तिलावत से की गई। इसमें शायरों ने हजरत अली की शान में कलाम पेश किए। नौशाद संभली ने पढ़ा कि इश्के अली बगैर जो लम्हा गुजर गया, उस लम्हे हायत का मतलब बताएं। तारीफे अहलबैत न लिखूं तो क्या लिखूं, कागज कलम दवात का मतलब बताएं। अली अब्बास, मजाहिर संभली, सुहेल अब्बास, एहतेशाम नकवी ने मौला अली की विलादत के सिलसिले में विस्तार से बताया। कहा कि हजरत अली ने हमेशा गरीबों, मजलूमों, यतीमों, कमजोरों, बेसहारा लोगों की मदद की। इसलिए हमें भी जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। इस दौरान अली जहीर हुसैन, जहीर हसन, मुजम्मिल, जैनवी मंसूर, अली अब्बास, सुहेल अब्बास, अली सादिक, नय्यर अब्बास, उरूज संभली, शाने अब्बास आदि रहे। संवाद
जुलूस में उमड़े अकीदतमंद
संभल। हजरत अली के जन्मदिन के मौके पर परंपरागत जुलूस उत्साह के साथ निकाला गया। जिसमें अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया। अमन और शांति के लिए दुआ की गई। जुलूस के दौरान सुरक्षा के प्रबंध रहे।

गांव शेर खां सराय मंडी किशनदास सराय से शनिवार को सुबह करीब 8 बजे जुलूस उत्साह और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस ए अली इमाम बारगाह से शुरू होकर बस्ती रोड से होता हुआ बिजलीघर, मौलाना जिहानत के चौक व दूल्हा बैठक से होकर इमाम बारगाह पर जाकर समाप्त हुआ। जिसमें लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। आखिर में अंत में अमन, शांति व भाईचारे के लिए दुआ की गई। इस दौरान शमशीर अली, असद अली, मोहम्मद उवैस, प्रधान सरताज हुसैन, अरशद हुसैन आदि रहे। संवाद
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