चंदौसी के सराफा बाजार में अनुराग ज्वैलर्स की दुकान पर खरीदारी करते लोग।
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संभल/चंदौसी। जिले में धनतेरस पर बीस करोड़ का कारोबार हुआ। संभल में पंद्रह करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ। वहीं चंदौसी में पांच करोड़ का कारोबार किया गया।
बाइकों, मोबाइलों और सोने चांदी के जेवर और बर्तनों के साथ पूजा के सामान और सजावट के सामानों की बिक्री हुई। अकेले एक दिन में दस लाख रुपये से अधिक का इलेक्ट्रानिक आइटम सजावट के लिए खरीदा गया है। सबसे ज्यादा बिक्री दुपहिया वाहनों की रही। छह करोड़ रुपये के दुपहिया वाहनों की बिक्री का अनुमान है।
दुपहिया के डीलर मोहम्मद नदीम ने बताया कि धनतेरस के शगुन पर खरीदारी का चलन है। एक दिन में दुपहिया की डिलीवरी हुई है। बुकिंग तीन दिन से चल रही थी। जिले में करीब चार करोड़ कारोबार अधिक कारोबार हुआ। देर रात तक खरीदारों का तांता लगा रहा। जबकि होंडा कंपनी के डीलर अपार गोयल ने बताया कि काफी बाइकें एक दिन में बिकी। बर्तन और क्रॉकरी विक्रेता विशाल टंडन ने बताया कि 15 लाख रुपये से अधिक बर्तन बिक गए। जबकि सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सर्राफा बाजार में 30 लाख से अधिक का व्यापार हुआ। राजीव इलेक्ट्रानिक्स के मालिक ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि मंदी का कोई असर नहीं था। इलेक्ट्रानिक्स आइटम की बढ़-चढकर खरीदारी लोगों ने की। संभल में एक करोड़ से अधिक का इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक्स आइटम बिका।
मोबाइल बिक्री के शोरूम संचालक अमित गुप्ता ने बताया कि गत वर्ष के मुकाबले आधा कारोबार रहा। मोबाइल शोरूम के संचालक रवि कुमार का कहना था कारोबार आनलाइन खरीदारी से प्रभावित हुआ है। चंदौसी में सराफा एसोसिएशन के महामंत्री विनय सराफ ने बताया कि कमोबेश पिछले साल की तरह ही कारोबार हुआ। चंदौसी का सराफा कारोबार देर रात तक करीब चार करोड़ के पार होने की उम्मीद है। अनुराग अग्रवाल सराफ ने बताया कि बाजार की स्थिति ठीक रही है, लोगों ने होलमार्क पर नए बैंकाक व इटेलियन सिक्कों को भी काफी पसंद किया है। बर्तन कारोबारी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बर्तनों का कारोबार भी अच्छा रहा है, पूरी चंदौसी में करीब साठ लाख रुपये से अधिक का कारोबार की उम्मीद है। लेकिन इतना जरूर दिखा कि लोग भारी बर्तनों की बजाय हल्के बर्तन खरीदते नजर आए। ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों ने भी महंगाई को देखते हुए हल्के बर्तनों को ही खरीदा। हलवाई एसोसिएशन के अध्यक्ष मंतेष वार्ष्णेय ने बताया कि कुछेक नामीगिरामी दुकानदारों को छोड़ दे तो इस साल धनतेरस पर मिठाई का कारोबार काफी प्रभावित रहा है। मिठाइयों की महंगाई ने भी बाजार पर असर दिखाया है, हर साल मिठाई पर करीब डेढ़ करोड़ से अधिक का कारोबार होता था, इस बार सिर्फ पचास लाख तक सिमट जाने का अनुमान है, हालांकि मिष्ठान व्यापारियों की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि दिवाली अभी बाकी है।बबराला/रजपुरा। छोटी दीवाली से पूर्व धनतेरस पर भगवान कुबेर को अपने घरों में विराजमान करने के लिए लोगों ने धातु से लेकर सजावट के सामान की जमकर खरीदारी की। बर्तनों समेत सामान की सजी दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कस्बा बबराला के मुख्य बाजार स्टेशन रोड पर सोमवार की सुबह से रजपुरा के प्रमुख बाजार से लेकर साप्ताहिक बाजार में भी जमकर खरीदारी की गई। कस्बा गवां में धनतेरस के अवसर पर दुकानों को सजाया गया।