बनियाठेर के गांव अकरौली में भालू की वेशभूषा पहन जानवरों से खेत की रखवाली करता किसान - संवाद
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बनियाठेर (संभल)। बंदरों के आतंक से परेशान किसान अब भालू का किरदार निभाने लगे हैं। इंसानी रूप को भालू वाली वेशभूषा से ढकते हैं और फिर खेतों में छलांग लगाते हुए बंदरों के पीछे दौड़ते हैं। इससे न सिर्फ बंदर भागते हैं बल्कि फसल में होने वाले नुकसान को भी बचा लिया जाता है। खास बात यह है कि ग्रामीणों का यह कार्य अब क्षेत्र में कौतूहल का विषय बन गया है।
दरअसल, संभल जिले के तरौली, रसूलपुर, कैली, गोपालपुर, बनियाखेड़ा, मानकपुर, नरौली समेत कई गांवों बंदरों का आतंक चरम पर है। घरों में नुकसान करने के साथ ही बंदर फसलों के भी दुश्मन बने हैं। रसूलपुर निवासी किसान नन्हे ने बताया कि बंदरों के झुंड खेत में घुसकर धान की बालियों को नष्ट कर रहे हैं। काफी प्रयास के बाद भी फसल को बंदर से बचा नहीं पा रहे हैं। ऐसे में भालू की ड्रेस पहनकर चेहरे पर मुखौटा लगाकर खेतों के आसपास घूमते हैं तो बंदर भाग जाते हैं। हालांकि बारिश और उमसभरी गर्मी में ड्रेस पहनना काफी मुश्किल होता है।
अतरौली निवासी अरविंद ने बताया कि वह 1500 रुपये में मुरादाबाद से भालू की ड्रेस खरीदकर लाए थे। गांव में ऐसी दर्जन भर ड्रेस हैं, जिन्हें किसान बारी-बारी से पहनकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।