संभल। देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण वैरिएंट डेल्टा प्लस फैल चुका है। प्रदेश में मुख्यमंत्री ने सतर्कता बढ़ाने के आदेश किए हैं लेकिन संभल जिले में कोई तैयारी नहीं दिख रही है। जबकि जिन राज्यों में कोरोना संक्रमण वैरिएंट डेल्टा प्लस के मामले सामने आ रहे हैं उन राज्यों से जिले के काफी लोगों की आवाजाही रहती है।
निकटतम राज्य दिल्ली के लिए हर दिन हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं। रोडवेज, प्राइवेट बस, कारें और अपने वाहनों से दिल्ली जाने वाले लोगों की संख्या काफी है। इस समय जिले में कोरोना संक्रमण की दर काफी कम है लेकिन वायरस का नया रूप जिले में आया तो हालात बिगड़ सकते हैं। हालात न बिगड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की कोई तैयारी नहीं दिख रही। जो आरआर (रैपिड रिस्पोंस टीम) टीमें लगी थीं वे ही काम कर रही हैं। रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। जबकि इस समय निगरानी दिल्ली, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से आने वाले लोगों की करनी चाहिए थे। स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी ने बताया कि जिलेभर में 39 आरआर टीमें लगी हैं। हर दिन 2500 रैंडम नमूने लिए जा रहे हैं। अब डेल्टा प्लस का खतरा बढ़ा है तो निगरारी बढ़ाई जाएगी। फिलहाल तो जिले में कोई ऐसा मामला अब तक सामने नहीं आया है।
एंटीजन नहीं आरटीपीसीआर की जांच पर ध्यान दे रहा स्वास्थ्य विभाग
संभल। जिले में संक्रमण की दर घटी है। कोरोना से बचाव का टीकाकरण तेजी से चल रहा है। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग अब लक्षणविहीन लोगों की कोरोना जांच एंटीजन किट से नहीं करा रहा। बल्कि आरटीपीसीआर की जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि इस समय संक्रमण का लोड कम है। एंटीजन किट की जांच में वही संक्रमित पाया जाएगा जिसके शरीर में संक्रमण की दर ज्यादा होगी। कम संक्रमण होने पर रिपोर्ट निगेटिव आ जाएगी। इसलिए आरटीपीसीआर की जांच पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।